नारनौल। नगर परिषद नारनौल के उपप्रधान पद के लिए 9 अगस्त को नगर परिषद परिसर में चुनाव होगा। इसके लिए प्रशासन ने अपनी पूरी तैयारी कर ली है। चुनाव में भाजपा चेयरमैन प्रत्याशी के चुनाव हारने के बाद उप प्रधान का चुनाव काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी समर्थित पार्षद उम्मीदवार को उप-प्रधान बनाकर चेयरमैन प्रत्याशी की हार को भुलाने का प्रयास करेगी। इस बार भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार के लिए उपप्रधान बनने की राह आसान नहीं लग रही है, क्योंकि उम्मीदवार को जीत के लिए 16 पार्षदों को अपने पक्ष में करना होगा। जबकि दूसरी तरफ नप की नवनिर्वाचित चेयरपर्सन भी अपने समर्थित उम्मीदवार को उपप्रधान बनाने की जुगत में हैं। उप प्रधान पद के लिए यादव समाज व वैश्य समाज के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखा जा रहा है, लेकिन उपप्रधान का ताज किसके सिर सजता है यह तो मंगलवार को पता चल पाएगा।
बता दें कि नारनौल परिषद में 31 वार्डों व चेयरमैन पद के चुनाव जून माह की संपन्न हुए। जिनके परिणाम 22 जून को घोषित किए गए। जिसमें चेयरपर्सन पद की निर्दलीय उम्मीदवार कलमेश सैनी विजेता रहीं। चेयरपर्सन और वार्ड पार्षदों को गत 16 जुलाई को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के बाद से ही उपप्रधान पद के लिए संभावित पार्षद उम्मीदवार जोड़तोड़ में लगे हुए हैं। शहर के 31 वार्डों में वार्ड 16 की पार्षद निर्मला देवी का गत दिनों निधन हो चुका है। ऐसे में 30 पार्षद ही बचे हैं। इनमें 8 सैनी समाज से, 8 यादव समाज, 5 अनुसूचित जाति, 5 वैश्य समाज, 2 जाट व 2 ब्राह्मण समाज से है। उप प्रधान पद के लिए यादव व वैश्य समाज के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला बताया जा रहा है, लेकिन सैनी समाज से चेयरपर्सन बनने के बाद सैनी समाज किसी दूसरे समाज के उम्मीदवार को उपप्रधान बनने का मौका दे सकता है। 30 वार्ड पार्षदों में सैनी समाज व यादव समाज के सबसे अधिक 8-8 पार्षद हैं। वहीं वैश्य समाज के पार्षद भी एकजुट होने की बात कही जा रही है। मगर वैश्य समाज के पार्षद कितने पार्षदों को अपने पक्ष में कर पाते हैं यह तो 9 अगस्त को ही पता चल पाएगा।
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- उम्मीदवारों ने जनप्रतिनिधियों के पास डाला डेरा
उपप्रधान पद के चुनाव की तिथि घोषित होते ही उप प्रधान पद के संभावित उम्मीदवार जोड़-तोड़ में लगे हुए हैं। उम्मीदवार जनप्रतिनिधियों के साथ पार्षदों के यहां डेरा जमाए हुए है। वहीं जनप्रतिनिधि भी अपने समर्थित उम्मीदवार के लिए अन्य पार्षदों को एकजुट करने में लगे हुए हैं, क्योंकि नारनौल नगर परिषद की चेयरमैन सीट हारने के बाद भाजपा अपने उम्मीदवार को उपप्रधान देखना चाहेगी। ऐसे में जनप्रतिनिधियों ने भी अपने पूरी ताकत लगा दी है।
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- सर्वसम्मति नहीं बनने पर होंगे चुनाव
नारनौल परिषद के उपप्रधान के चुनाव के लिए 9 अगस्त की तिथि निर्धारित की गई है। इसमें सर्वसम्मति नहीं बनने पर ईवीएम से चुनाव कराए जाएंगे। इस चुनाव में 30 पार्षदों के अलावा चेयरपर्सन भी मत का प्रयोग करेंगी। इस प्रकार 16 मत मिलने वाला उम्मीदवार विजेता बनेगा।