महेंद्रगढ़। शहरी दायरा बढ़ाने की दिशा में नगर पालिका और प्रशासन ने 25 कॉलोनियों को नियमित करवाने की प्रक्रिया फिर शुरू कर दी है। इसके लिए संबंधित फाइल दोबारा उच्च अधिकारियों के पास भेजी गई है। फाइलें प्रदेश सरकार को भी भेजी गई हैं।
कॉलोनियां नियमित होने से करीब 30 हजार लोगों को सीधा फायदा होगा। उन्हें सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी। अभी कई क्षेत्रों में लोग इन सुविधाओं के लिए परेशान होते हैं। नियमितीकरण के बाद सरकारी स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य कराए जा सकेंगे।
शहर का दायरा बढ़ने से भविष्य में नगर परिषद का दर्जा मिलने की संभावना भी बढ़ सकती है। इसके लिए शहरी आबादी, सीमा विस्तार और अन्य निर्धारित मानक पूरे करना जरूरी होगा।
पहले भी अटक चुका है मामला
नगर पालिका ने 2023 में 11 कॉलोनियों का सर्वे कर रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी थी। 2024 में सरकार ने इनमें से सिर्फ चार को मान्यता दी, लेकिन ये चारों कॉलोनियां नपा के दायरे से बाहर होने के कारण जिम्मेदारों ने आपत्ति लगाकर मान्यता रद्द कर दी। नगर पालिका अधिकारियों के लगातार तबादलों के कारण आपत्तियां दूर करने में रुचि नहीं दिखाई गई। इसी वजह से शहर में मतदाताओं की संख्या भी नहीं बढ़ पाई।
इन कॉलोनियों की फाइलें भेजी गईं
सरस्वती कॉलोनी, राजबीर कॉलोनी, श्याम कॉलोनी, रामकृष्ण कॉलोनी, संगम विहार कॉलोनी, मोदीपुरम, जयरामदास कॉलोनी, कैंची मोड़, जय कॉलोनी, हैप्पी एवरग्रीन मार्ग, बालाजी और तुलाराम कॉलोनी सहित अन्य कॉलोनियों की रिपोर्ट भेजी गई है।
मान्यता के नियम
नियमों के अनुसार उस समय कॉलोनी के क्षेत्रफल की कोई अधिकतम सीमा नहीं थी, पर न्यूनतम दो एकड़ जरूरी है। आंतरिक सड़क की न्यूनतम चौड़ाई छह मीटर होनी चाहिए। कॉलोनी में 70 से 80 मकान बने होने चाहिए और वह हरित क्षेत्र का हिस्सा नहीं होनी चाहिए। प्रदेश सरकार की गाइडलाइन में सड़क की चौड़ाई, जमीन का क्षेत्रफल और कॉलोनी का सरकारी योजनाओं से संबंध भी शामिल है।
वर्जन:
नगर पालिका की ओर से करीब 25 कॉलोनियों को नियमित कराने को लेकर फाइल को प्रदेश सरकार के पास भेजी जा चुकी है। स्वीकृति मिलते ही मूलभूत सुविधाएं सहित आगामी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। कॉलोनियां नियमित होने से नगर पालिका का दायरा बढ़ेगा और नगर परिषद का दर्जा मिलने की संभावना बढ़ेगी।
-रमेश सैनी, प्रधान, नगर पालिका महेंद्रगढ