जिले में रविवार दोपहर दो बजे के बाद आंधी के साथ ओलावृष्टि और झमाझम बारिश हुई। इससे एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली। लेकिन बारिश के कारण नारनौल मंडी में खुले में रखा करीब आठ हजार बैग भीग गया। इसके अलावा नांगल चौधरी, अटेली, बाछौद, बौचडिया, निजामपुर समेत कई खरीद केंद्रों में किसानों सरसों भीग गई। नारनौल व अटेली मंडी में टीन शेड लगी होने से कुछ राहत मिली। दूसरी ओर किसानों द्वारा बिजाई की गई अगेती कपास की फसल को नुकसान हो गया। बारिश के कारण बिजाई कर चुके किसानों को दोहरी मार पड़ी है। नारनौल में रविवार को 26 एमएम बारिश दर्ज की गई।
पिछले दो दिनों से तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया था। तापमान में बढ़ोतरी के बाद रविवार दोपहर बाद हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि से लोगों को गर्मी से राहत मिल गई। वहीं सरसों की खरीद के लिए बनाए गए केंद्रों में उठान न होने के कारण खुले आसमान के नीचे रखी सरसों के बैग भीग गए। हालांकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार तीन मई से मौसम खराब होने की संभावना जताई गई थी। सुबह बादल छाए थे। दोपहर बाद करीब दो बजे बाद मौसम ने अचानक करवट लेते हुए तेज आंधी के साथ काले बादल छा गए। तेज आंधी व बादल छाने से दिन के समय अंधेरा छा गया। इसके बाद हवा के साथ ओलावृष्टि व झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से कई मोहल्लों में जलभराव हो गया। रविवार दोपहर बाद तेज हवा के चलते शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई। तेज हवा के कारण पेड़ों की टहनियां तारों से टकराने के कारण बिजली में फाल्ट आ गया। इसके कारण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सेवा प्रभावित हुई। बिजली निगम ने बारिश रुकने के बाद फाल्ट को ठीक करने में जुटे थे। दूसरी ओर तेज हवाओं के कारण गांवों में टीन शेड उड़ गई। जिससे कमरे में रखा सामान खराब हो गया। इसी प्रकार अन्य जगहों पर सामान नुकसान होने के समाचार है।
नारनौल मंडी में नहीं हुई खरीद
बारिश के कारण नारनौल मंडी में दोपहर बाद खरीद कार्य रोक दिया गया। खरीद अधिकारी जगराम ने बताया कि सुबह 100 किसानों में से 80 किसान मंडी पहुंचे थे। करीब पांच हजार बैग सरसों खरीद गया था। शनिवार को दस हजार बैग सरसों की खरीदा हुई थी। उन्होंने बताया कि कुछ सरसों शेड के अंदर था। अचानक बारिश आने से करीब आठ हजार बैग भीग गया। दोपहर बाद खरीद बंद रहेगी। वहीं निजामपुर सरसों खरीद केंद्र सोमवार को बारिश के कारण बंद रहेगा। इसकी सूचना गांव धानोता व हसनपुर के ग्रामीणों को सूचना दी गई है।
तेज हवाओं के बाद सीहमा क्षेत्र में हुई बारिश
सीहमा खंड क्षेत्र में रविवार दोपहर बाद अचानक धूल भरी तेज हवाएं चली और उसके कुछ समय बाद बारिश भी हुई। किसान नरेश, युद्धवीर, बीरेंद्र, प्रमोद, गोलिया, अजित सिंह ने बताया कि इस बारिश का उन किसानों को फायदा है जिन्होंने कपास बिजाई नहीं की है। वहीं किसान देवीलाल व महेंद्र सिंह का कहना है कि तत्काल की गई कपास की अगेती बिजाई में यह बारिश नुकसान करेगी।
दिन में रात जैसा नजारा, पेड़ गिरने व बारिश से लोगों को हुई परेशानी
नांगल चौधरी। रविवार दोपहर तेज हवाओं के साथ बरसात से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर के सभी हिस्सों में पानी भर गया। वहीं आंधी के साथ कई पेड़ टूटकर रास्तों में गिर गए। जिसके कारण रास्ते अवरूद्ध हो गए। वहीं बिजली के तार टूटने के कारण बिजली सप्लाई प्रभावित हो गई। इसी के साथ अनाजमंडी में भी पानी भरने से खरीद किए गये सरसों के बैग भीग गये। बारिश से कई मोहल्लों में पानी भर गया। कई दुकानों के छत पर रखी पानी की टंकी नीचे गिर गई, साथ ही कई दुकानों के आगे लगे टीन शेड व बोर्ड नीचे गिर गए। एक दुकान के आगे खड़ी बाइक पर पेड़ टूटकर गिर गया।