नारनौल सहित आसपास के गांवों में शनिवार रात करीब साढ़े सात बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इसका केंद्र महेंद्रगढ़ जिले का सलीमाबाद रहा है। इस भूकंप का असर सलीमाबाद से करीब 70 किलोमीटर तक असर महसूस किया गया है। जिले के तहसीलों और नारनौल सहित आसपास के गांवों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 2.8 रही। जब भूकंप आया तो आमजन डर गए। लोग मकान और दुकानों से बाहर आ गए।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के मौसम विशेषज्ञ और भूगोलविद डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि केंद्र जिला महेंद्रगढ़ के गांव सलीमाबाद में अक्षांश 28.25 और देशांतर 76.18 में रहा है। इस भूकंप की तीव्रता 2.8 मैग्नीट्यूड रही। धरती के अंदर 5 किलोमीटर गहराई रही है। भूकंप से किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। दिल्ली-एनसीआर में आए भूकंप का मुख्य कारण प्लेट टेक्टोनिक्स प्रकिया ही है।
महेंद्रगढ़-देहरादून फाल्ट लाइन पर महेंद्रगढ़ जिले से कुछ हिस्सा रेवाड़ी, झज्झर व रोहतक होते हुए पानीपत और इसके बाद उत्तराखंड में देहरादून तक के शहर आते हैं। दिल्ली एनसीआर में पांच फाल्ट लाइन है। इनमें महेंद्रगढ़-देहरादून, दिल्ली-मुरादाबाद, दिल्ली-सरगौधा रिज और दिल्ली-हरिद्वार रिज शामिल है। इन फाल्ट लाइन में ही जमीन की अंदरूनी प्लेट आपस में टकराती है और हलचल पैदा होती है।