फोटो नंबर- 14पेट में दर्द से ग्रसित बच्ची की जांच करते चिकित्सक। संवाद
नारनौल। धुलेंडी पर्व पर अनेक जगह पर लड़ाई-झगड़े व दुर्घटना के मामले अधिक आए जिसकी वजह से वीरवार को नागरिक अस्पताल में आम दिनों की तुलना में अधिक भीड़ रही। धुलंडी के दौरान नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लड़ाई-झगड़ों व दुर्घटना के करीब 45 मामले आए।
वहीं धुलंडी के दूसरे दिन आपातकालीन विभाग में ओपीडी 200 से ज्यादा रही। डॉ. सरजीत सिंह ने बताया कि बच्चों में रंग के कारण त्वचा संबंधित एलर्जी, पेट में दर्द और खांसी की समस्या अधिक देखने को मिली। उन्होंने बताया कि धुलंडी के दौरान ओपीडी संख्या में बढ़ोतरी हुई है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया।
नेत्र चिकित्सक नहीं होने के कारण मरीजों को हुई परेशानी
नागरिक अस्पताल में तीन नेत्र विशेषज्ञ चिकित्सक नियुक्त हैं लेकिन वीरवार को एक भी चिकित्सक नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दो चिकित्सक वीरवार को छुट्टी पर थे। एक चिकित्सक मरीजों की जांच कर रहे थे लेकिन दोपहर करीब 12 बजे तीसरे चिकित्सक भी जरूरी काम होने के कारण छुट्टी पर चले गए। इस कारण मरीज पर्ची कटवाकर जांच करवाने गए तो उन्हें पता चला कि चिकित्सक नहीं है। चिकित्सक की अनुपस्थिति में कुछ सामान्य जांच नर्सिंग स्टाफ ने की।
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एक आंख का ऑपरेशन तो हो चुका है और दूसरी आंख के ऑपरेशन के लिए चिकित्सक ने जांच करने के लिए बुलाया गया था। यहां आया तो पता चला कि चिकित्सक ही नहीं है। इसलिए अब शुक्रवार को भी आना पड़ेगा।
-मोहर सिंह, दोचाना