महेंद्रगढ़। तहसीलदार व नायब तहसीलदार हड़ताल के कारण तीसरे दिन भी तहसीलों में कोई काम नहीं हो पाया। तीन दिन में इससे जिले में करीब 120 से ज्यादा रजिस्ट्री व चार हजार से ज्यादा प्रमाणपत्र अटके, इससे सरकार का करीब 40 करोड़ रुपये का राजस्व भी प्रभावित हुआ है।
इसके अलावा तहसील कोर्ट में करीब 180 से अधिक केसों पर सुनवाई नहीं हो सकी। हड़ताल के कारण आमजन के साथ-साथ अधिवक्ताओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि हरियाणा रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन के बैनर तले नायब तहसीलदार व तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है। हड़ताल का सबसे ज्यादा प्रभाव रजिस्ट्री नहीं होना है।
उन्होंने बताया कि गुरुग्राम के वजीराबाद में नायब तहसीलदार नरेंद्र कुमार को बिना जांच के निलंबित कर दिया गया है, इसके अलावा तहसील में स्टांप ड्यूटी से संबंधित मामलों में विभागीय जांच के बजाय पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने लगी है।
अधिकारियों की गलती को भ्रष्टाचार से जोड़ा जा रहा है। नारायणगढ़ के नायब तहसीलदार के खिलाफ पीसी एक्ट में प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश पुलिस ने की है। यह जान बूझकर नहीं बल्कि गलती से हुआ है। इसे ठीक भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगों को नहीं माना तो वे हड़ताल बढ़ाने को मजबूर होंगे।
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तहसीलदार हड़ताल के कारण तहसील कोर्ट के कार्य अटक गए है। केसों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उनकी आगे की तारीख लगाई जा रही है। इसके अलावा रजिस्ट्री व प्रमाण पत्रों पर भी कार्य नहीं हो रहा है। आमजन को परेशानी उठानी पड़ रही है। -अधिवक्ता गौरी शंकर
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तहसील कोर्ट में केसों पर सुनवाई नहीं हो रहे है। इसके अलावा युवा भी भर्ती को लेकर प्रमाण पत्र बनवाने के लिए चक्कर लगाते रहते है। प्रदेश सरकार तहसीलदारों की मांगों को पूरा करें ताकि आमजन को परेशानी का सामना न करना पड़े।-अधिवक्ता आलौक खैरवाल