फोटो नंबर- 21नारनौल की नई अनाज मंडी में सरसों का उठान करते श्रमिक। संवाद
नारनौल। सरसों के बाजार भाव में कमी के चलते सरकारी खरीद में सरसों की आवक में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। धीमी सरकारी खरीद प्रक्रिया के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान सुबह 9 बजे मंडी पहुंच रहे हैं लेकिन गेटपास जारी करवाने से लेकर सरसों के बैग भराई तक करीब 6 से 7 घंटे तक इंतजार करना पड़ा रहा है।
सरकारी खरीद में अभी केवल 6 से 7 किसान ही सरसों बेच रहे हैं। 42 प्रतिशत लैब की सरसों का बाजार भाव अभी भी 6500 रुपये बना हुआ है। लैब में कमी के हिसाब से प्रति प्रतिशत सरसों के भाव में व्यापारियों द्वारा 120 रुपये की कटौती की जा रही है।
इस कारण 40 प्रतिशत लैब से कम वाली सरसों का भाव एमएसपी से भी कम केवल 6 हजार से 6100 रुपये मिल रहा है। इसके चलते किसान राजस्थान सीमावर्ती क्षेत्र व सरकारी खरीद में सरसों बेच रहे हैं।
9050 क्विंटल गेंहू व 650 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद
अटेली में बुधवार को गेंहू की आवक में बढ़ोतरी देखने को मिली और 27 गेटपास जारी किए। 2 हजार क्विंटल गेंहू की आवक हुई जिसमें 800 क्विंटल गेंहू की सरकारी खरीद हुई। अब तक कुल 9050 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है जबकि 4730 क्विंटल गेहूं का उठान हो चुका है। वहीं सरसों खरीद के लिए नारनौल मंडी में 60 और अटेली मंडी में 115 गेटपास जारी किए गए। नारनौल में करीब 1200 और अटेली में लगभग 3500 क्विंटल सरसों की आवक दर्ज की गई। नारनौल में 950 क्विंटल व्यापारियों को बेची गई जबकि 250 क्विंटल सरसों सरकारी खरीद की गई। नारनौल में अब तक 650 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद की गई है।
वर्जन :
किसानों को सुचारू रूप से गेटपास जारी किए जा रहे हैं। किसानों से अपील है कि नियमानुसार दस्तावेज लेकर मंडी आएं। -
अनिल कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी, मंडी अटेली।