फोटो नंबर-10बाजार में एक दुकान पर सजे मिट्टी के मटके खरीदता युवक। संवाद
नारनौल। बढ़ती गर्मी के साथ ही मिट्टी के मटकों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। तापमान में इजाफा होने के कारण लोग ठंडे पानी के लिए पारंपरिक विकल्पों की ओर लौट रहे हैं। यही वजह है कि इन दिनों बाजारों में मिट्टी के मटकों की बिक्री जोर पकड़ रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब 50 से अधिक दुकानों पर मिट्टी के बर्तन बेचे जा रहे हैं। रेवाड़ी रोड, कैलाश नगर, महेंद्रगढ़ रोड, सिंघाना रोड, नलापुर रोड, पुल बाजार, रविदास मार्ग, बहरोड़ रोड और निजामपुर रोड सहित कई स्थानों पर मटकों की दुकानें सजी हुई हैं।
दुकानदार हरनारायण, कैलाश, शेरसिंह और बलबीर ने बताया कि स्थानीय स्तर पर भी मटके बनाए जाते हैं लेकिन इस बार खास डिजाइन वाले मटके अलवर, तिजारा और किशनगढ़ से मंगवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पारंपरिक होने के साथ-साथ मटके का पानी स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक माना जाता है।
साधारण मटके 50 से 150 रुपये तक बिक रहे हैं जबकि टोंटी लगे मटकों की कीमत 150 से 250 रुपये तक है। इसके अलावा मिट्टी के पानी के कैंपर की मांग इस बार सबसे अधिक देखी जा रही है। गर्मी बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में मटकों की मांग और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।