महेंद्रगढ़। भवन के अभाव में चार साल से महेंद्रगढ़ का नागरिक अस्पताल पुराने भवन में चल रहा है। पुराने रिहायशी भवन में लैब, एक्स-रे, टीबी यूनिट, आयुष विंग चल रहा है। हालांकि लोगों की मांग पर सरकार की ओर से वर्ष 2019 में उप नागरिक अस्पताल से दर्जा बढ़ाकर नागरिक अस्पताल कर दिया गया था। साथ ही 50 बेड से 100 बैड का करने की घोषणा हुई थी।
100 बेड की घोषणा तो कर दी, लेकिन सुविधाएं नहीं बढ़ाई गईं। बेहतर सुविधाओं के लिए भवन का अभाव नजर आने लगा तो नए भवन के लिए 26 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी मिली। 10 जुलाई 2021 को नए भवन निर्माण का शिलान्यास किया गया। 31 दिसंबर 2023 को निर्माण पूरा करने के लिए समय सीमा रखी गई थी।
जगह का अभाव होने के कारण पुराने रिहायशी भवन को भी चिकित्सा सुविधाओं के लिए उपयोग किया जाने लगा। इस समय लैब, हड्डी विभाग, टीबी यूनिट, आयुष विंग आदि रिहायशी क्वार्टरों में चल रहा है।
अन्य सुविधाओं के अभाव में चिकित्सक भी बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने की जद्दोजहद कर रहे हैं। नागरिक अस्पताल में औसत ओपीडी का आंकड़ा 400 तक था वह भी 600 पार कर गया है। ऐसे में सुविधाओं के अभाव में कितना बेहतर उपचार दिया जा रहा है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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वर्जन
नए भवन का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अस्पताल का बजट कम पड़ने के कारण विभाग की ओर से दोबारा से एस्टीमेट भेजा जा चुका है। अनुमति मिलने के बाद अस्पताल का कार्य 6 महीने में पूरा कर स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाएगा।-जेई अनिल कुमार, कनिष्ठ अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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नागरिक अस्पताल का नया भवन बनने तक कुछ परेशानी जरूर रहेगी, लेकिन अस्पताल में आने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। नए भवन के निर्माण पर नियमित रूप से निगरानी रखी जा रही है, इसे तय समय में पूरा कराया जाएगा। प्रयास है कि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो।- डॉ. धर्मेंद्र सांगवान, सिविल सर्जन, नारनौल।