महेंद्रगढ़/कनीना। पिछले 20 दिनों से क्षेत्र में लगातार ठंड का सितम जारी है। सोमवार को सुबह दिन की शुरूआत घने कोहरे के साथ हुई व न्यूनतम तापमान भी महज 2.7 डिग्री रहा। ओंस की बूंदे बारिश की तरह बरसी, जिसके कारण सड़कें भीग गई।
शनिवार व रविवार को दोपहर के समय खिली हल्की धूप के बाद सोमवार को दिनभर सूर्यदेव के दर्शन भी नहीं हो पाए। अधिकतम तापमान 10.9 डिग्री सेलिसियस रहा। पिछले एक पखवाड़े से छा रहे कोहरे के कारण अब धीरे-धीरे सरसों की फसल में सफेद रतुआ व तना गलन की संभावना बढ़ने लगी है। वहीं मौसम विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार आगामी 24 फरवरी तक राहत की उम्मीद नहीं है। अधिकतम तापमान में ओर गिरावट की संभावना बनी रहेगी। दिनभर लोग भी अलाव का सहारा ले रहे हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ संयोजक डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि पिछले 15 दिनों से लगातार छा रहे कोहरे का प्रभाव अब सरसों पर आने लगा है। इस समय सरसों की फसल में तना गलन व सफेद रतुआ बड़ी तेजी से फैल रहा है। सरसों की फसल में 50 प्रतिशत से अधिक फलियां बन चुकी हैं ऐसे में अत्याधिक ठंड के कारण दाना प्रभावित हो सकता है, जबकि इसके कारण गेहूं की फसल में भी बढ़वार की रफ्तार कम हो गई है। हालांकि गेहूं की फसल अभी पोरियों की स्थिति में है एक सप्ताह बाद पौटा में आएगा। उम्मीद है कि एक सप्ताह बाद मौसम फसलों के अनुकूल हो जाएगा।
मौसम प्रेक्षक केवीके महेंद्रगढ़ अर्जुन शर्मा ने बताया कि इस समय तापमान में गिरावट का क्रम जारी है। 24 जनवरी तक शीतलहर चलने व घना कोहरा छाए रहने की संभावना बनी हुई है। इस दौरान अधिकतम तापमान 10 से 20 डिग्री के मध्यम तथा न्यूनतम 4 से 6 डिग्री रहने की संभावना बनी हुई है। 6 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से शीतलहर चल सकती है।