गुड़गांव के आयुक्त डी सुरेश की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पेयजल व्यवस्था सुचारु करने तथा अवैध खनन, ओवरलोडिंग व मलेरिया की रोकथाम के लिए किए गए प्रबंधों पर विचार विमर्श किया गया। आयुक्त ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में जिन गांवों में नहर आधारित पेयजल सप्लाई नहीं पहुंची है वहां पर टैंकरों से पेयजल मुहैया कराया जाए। ग्रामीणों जरूरत के हिसाब से हर रोज स्थिति का आंकलन करके टैंकर भेजें। जिले में पेयजल की कमी किसी भी गांव में नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बार नहरी पानी आने के बाद 24 घंटे नहरों पर गश्त करें और जिले के सभी जलघरों में पानी पहुंचाएं। जलघर भरने के बाद पशुओं के लिए जोहड़ों को भरा जाए।
आयुक्त ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस समय जलघरों में उपलब्ध पानी के बारे में भी पूछा। अधीक्षक अभियंता उमेश भारद्वाज ने बताया कि जिले के आठ गांवों में नहर आधारित पेयजल सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है तथा उनमें लगातार पानी टैंकरों से दिया जा रहा है। अवैध खनन और ओवरलोडिंग के संबंध में आयुक्त ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि वे 24 घंटे नाकों पर पुलिस कर्मियों को सतर्क रखें।
इस पर पुलिस अधीक्षक हमीद अख्तर ने बताया कि अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए आकस्मिक निरीक्षण किया जाता है तथा नाके भी लगाए हुए है। टीमों का गठन किया गया है तथा किसी तरह के खनन कार्य की सूचना मिलते ही अविलंब कार्यवाही की जाती है। मलेरिया की रोकथाम के संबंध में पूछे जाने पर डा. अश्वनी कुमार रोहिल्ला ने बताया कि जिले में मलेरिया, डेंगू, दिमागी बुखार, चिकनगुनिया से निजात पाने के लिए 20 रेपिड रिस्पोस टीमों का गठन किया गया है। उपायुक्त संजीव वर्मा ने प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त आरएस वर्मा, नगराधीश कैप्टन मनोज खत्री व डीडीपीओ कुलदीप सिंह के अतिरिक्त विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।