द्रोपदी नाटक के माध्यम से सैनिकों का चरित्र हनन करने के विरोध में शनिवार को भूतपूर्व सैनिकों, सामाजिक संगठनों ने हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के वीसी की शव यात्रा निकाली। इससे पूर्व संगठनों ने यादव धर्मशाला में बैठक कर 26 सितंबर को केंद्रीय विश्वविद्यालय के गेट नंबर-2 पर बड़ी संख्या में सामूहिक रूप से धरना देने की रणनीति बनाई। आंदोलनकारियों का कहना था कि उनको वीसी की बनाई छह सदस्यीय कमेटी स्वीकार नहीं है। अभाविप पहले ही उसका विरोध कर चुकी है।
दो दिन की समय सीमा समाप्त होने पर शनिवार को सभी संगठनों के लोग यादव धर्मशाला में एकत्रित हुए। पदाधिकारियों ने द्रोपदी नाटक के माध्यम से सैनिकों का चरित्र हनन का जमकर विरोध किया। इस मामले में वीसी ने छह सदस्यीय कमेटी बनाकर दो दिन में जांच का आश्वासन दिया था। शनिवार तक कोई रेस्पांस नहीं मिलने पर भूतपूर्व सैनिकों, विश्व हिंदू परिषद्, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बजरंग दल, समेत अन्य संगठनों ने वीसी की शव यात्रा निकाली। यात्रा यादव सभा से ब्रह्मदेव चौक, शंकर मार्केट, सब्जी मंडी होकर आजाद चौक पहुंची। यहां पुतले को जलाकर भूतपूर्व सैनिकों ने वंदे मातराम, भारत माता की जय, देशद्रोहियों को गिरफ्तार करो के नारे लगाए। सभी संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए।
राष्ट्रपति के नाम डीसी को सौंपेंगे ज्ञापन
आंदोलनकारी कमेटी के सदस्यों नेे बताया कि 26 सितंबर को हकेंविवि के गेट नंबर- 2 पर एक हजार लोगों द्वारा धरना दिया जाएगा। धरने में विभिन्न सामाजिक संगठन, गांव के सरपंच, जिला पार्षद और अन्य ग्रामीण शामिल होंगे। इसके लिए सभी सामाजिक संगठनों, पार्षदों और सरपंच कमेटी एसोसिएशन के प्रधान को जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। इस दिन जिला उपायुक्त राज नारायण कौशिक को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
कमेटी के सदस्य हैं वीसी के साथी
आंदोलन कमेटी के प्रधान संजय राव का कहना है कि केंविवि प्रशासन ने इस मामले में जो छह सदस्यीय कमेटी बनाई है उसका विरोध करते हैं। कमेटी में शामिल अधिकतर सदस्य वीसी के साथी रहे हैं। कमेटी में शामिल माला श्रीलाल अंग्रेजी की प्रोफेसर हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में हकेंविवि के वीसी. आरसी कुहाड़ के साथ पढ़ाती थीं। दूसरे सदस्य उमेद सिंह मोहन आरोपित डीएसडब्ल्यू संजीव कुमार के भाई हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी भीम सिंह भी वीसी आरसी कुहाड़ के साथ कुरुक्षेत्र में काम कर चुके हैं। अभाविप मांग करती है कि इस कमेटी को निरस्त कर दूसरी कमेटी बनाई जाए। नई कमेटी रिटायर्ड जज, कमिश्नर या जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में बनाई जाए। इसमें दो भूतपूर्व सैनिक अधिकारी, दो सामाजिक कार्यकर्ता और दो शिक्षाविद शामिल किए जाएं।
राष्ट्रीय सम्मान को आहत किया
ग्रामीण कैलाश पाली ने बताया कि हकेंविवि के वीसी अंग्रेजी अखबार में इस आंदोलन को राजनीतिक मोटिवेटिड बताते हैं। रजिस्ट्रार इसे स्वार्थी बताते हैं। यह न तो स्वार्थ न ही राजनीति का विषय है। यह राष्ट्र का विषय है। उनके द्वारा दिखाए नाटक ने राष्ट्रीय सम्मान को आहत किया है। विश्वविद्यालय शिक्षा का केंद्र होता है। राष्ट्रीय सम्मान और राष्ट्रीय विकास के बारे में विद्यार्थियों को सिखाया जाता है। हिंदू समाज में नारी की इज्जत लूटती है तो तालियां नहीं बजती बल्कि उसे देखकर हर भारतीय का खून खौल उठता है।
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हकेंविवि में द्रोपदी नाटक के मंचन में सैनिकों का जो चरित्र हनन किया है वह सम्मान जनक नहीं है। आज देश के जवान पाकिस्तान के साथ युद्ध की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे समय पर उनके चरित्र पर दाग लगाना माफी के लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की सेना का चरित्र हनन तो क्या उनके खिलाफ तो कोई टिप्पणी भी नहीं की जानी चाहिए। - संजय राव, अध्यक्ष, आंदोलन कमेटी