नारनौल। अटेली क्षेत्र के गांव सागरपुर के वार्ड नंबर चार से सरिता देवी को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा परिणाम पर रोक को हटाकर विजयी घोषित किया। सरिता देवी ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 60 वोटों से हराकर विजय हासिल की है। नवनिर्वाचित पंच ने अपने मौलिक अधिकारों के संरक्षण के लिए 9 माह के लंबे संघर्ष का सामना करते हुए जीत हासिल की है।
जिले में ग्राम पंचायतों के प्रथम चरण का मतदान दो नवंबर 2022 को हुए थे। पंच सरिता देवी के पति नरेंद्र सिंह सांगवान ने बताया कि उसकी पत्नी का नाम ग्राम पंचायत सागरपुर की परिवर्धन मतदाता सूची में क्रमांक नंबर 210 और ईपीआईसी नंबर आईआई 1313865 होने के बावजूद संबंधित आरओ ने नामांकन को रद्द कर दिया गया था। नामांकन रद्द के बाद प्रार्थी ने जिला उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नारनौल से न्याय की गुहार लगाई। तत्कालीन जिला निर्वाचन अधिकारी ने प्रार्थी के नामांकन को रद्द नहीं करने के आदेश दिए, लेकिन पंच पद पर निर्विरोध रूप से चुनने के बावजूद भी पंच पद पर निर्वाचित होने से वंचित रखा। इसके बाद सरिता देवी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा चंडीगढ़ से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन न्याय न मिलने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ में शामिल न्यायाधीश राजमोहन सिंह व हरजीत सिंह की खंड पीठ ने 10 अगस्त 2023 सिविल रिट पिटीशन नंबर-24789/2022 का निपटारा करते हुए 9 जुलाई 2023 को वार्ड नंबर चार के हुए उपचुनाव में कुल मतदान 179 में से सरिता देवी को 117 व प्रतिद्वंद्वी को 57 एवं 5 मत रद्द मानते हुए फैसला सुनाया। इसके बाद सरिता देवी को विजयी प्रत्याशी की सर्टिफिकेट जारी करने के आदेश जारी किए गए। पंच सरिता ने कहा कि जो 9 महीने का नुकसान वार्ड को हुआ है, उसकी भरपाई ग्रामीण मिलकर पूरा करेंगे। ग्राम सरपंच सूबेसिंह ने बताया कि सरिता देवी के वार्ड नंबर चार से पंच बनने पर ग्राम पंचायत के 9 सदस्यों में यह पंच सबसे अधिक पढ़ी लिखी है, जो डबल एमए व बीएड है।