नांगल चौधरी। क्षेत्र के गांव दोस्तपुर के ग्रामीणों ने खनन संचालकों पर गांव की खसरा नंबर 47 पर अवैध खनन करने व ब्लास्टिंग करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन व नारेबाजी की।
साथ ही प्रशासन से इन अवैध खनन करने वाले संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने सरकार के राजस्व में हुए नुकसान की भरपाई भी खनन संचालकों से करने की मांग की है। प्रदर्शन कर रही उर्मिला, अनीता, संतरा, मधु, बीना, लाली, राधा व बबरूभान, राहुल, नवीन, नितिन सहित अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि खनन संचालकों द्वारा पंचायती जमीन खसरा नंबर 47 पर अवैध खनन कर प्रदेश के राजस्व का नुकसान किया जा रहा है।
खनन के साथ-साथ हेवी ब्लास्टिंग भी की जा रही है। इससे गांव में बने काफी मकानों में दरारें आ गई हैं। इससे कभी भी मकान गिर सकते हैं। इस बारे में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को भी सूचित किया जा चुका है और शिकायत भी दी जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिसके चलते इन अवैध खनन संचालकों के हौसले इतने बुलंद है कि इनके खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्रामीणों पर ही उल्टा मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी देते हैं। जिससे ग्रामीणों में काफी रोष है। ग्रामीणों ने शुक्रवार को प्रदर्शन करते हुए बताया कि गांव के पास लगती पहाड़ियों में खनन करने का कार्य किया जाता है।
इसके लिए सरकार ने टेंडर भी छोड़ा हुआ है, लेकिन अब खनन माफिया गांव के पास पंचायती जमीन के खसरा नंबर 47 में भारी मात्रा में अवैध खनन कर रहे हैं। ब्लास्टिंग करते समय पत्थर उछलकर कई बार घरों की छतों पर भी गिर चुके हैं। हादसे होने का डर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि खनन माफिया अब पंचायती रास्तों का भी प्रयोग कर रहे हैं। इन रास्तों से ओवरलोड ट्रक जाते हैं। जिसके कारण हादसों का भी डर बना रहता है। उन्होंने पंचायती जमीन पर अवैध खनन व हैवी ब्लास्टिंग को रोकने की प्रशासन से मांग की है।
सरपंच प्रतिनिधि बबरूभान ने बताया कि कई बार प्रशासन को शिकायत दी जा चुकी है। हेवी ब्लास्टिंग की वजह मकानों में भी दरार आ गई हैं।