हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाला दिवाली पर्व वीरवार को क्षेत्र में बड़ी श्रद्धा आस्था व हर्षोल्लास के मनाया गया। लोगों ने घरों और प्रतिष्ठानों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया व महिलाओं ने सुंदर-सुंदर रंगोली भी बनाई। इसके बाद मां लक्ष्मी व गणेशजी का पूजन किया।
पूजन के बाद अनेक स्थानों पर बच्चों ने ग्रीन पटाखें प्रदूषण रहित दिवाली मनाई तो कई स्थानों पर युवाओं व लोगों द्वारा आतिशबाजी भी की। इस बार विशेष बात यह रही कि आतिशबाजी गत वर्ष की अपेक्षा बहुत कम हुई। इस बार दिवाली मनाने को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति भी बनी हुई थी कि दिवाली 31 अक्तूबर को मनाई जाए या एक नवंबर को परंतु लगभग सभी जगह 31 अक्तूबर का दिन तय हो जाने और अवकाश घोषित हो जाने के कारण इसी दिन दिवाली मनाई गई। वहीं अमावस्या भी ज्यादातर लोगों ने शुक्रवार को मनाई और अन्नकूट व गोवर्धन पूजा लगभग स्थानों पर दो नवंबर शनिवार को ही किया जाएगा।