नारनौल। सैनी सभा के महासचिव पद पर की गई नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। सभा के 150 सदस्यों ने प्रधान हरीश सैनी एडवोकेट को ज्ञापन सौंपकर नियुक्ति को निरस्त कर कर शीघ्र चुनाव कराने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि त्रैवार्षिक चुनाव में निर्वाचित महासचिव जय सिंह सैनी ने निजी कारणों से इस्तीफा दे दिया था, जिसे कार्यकारिणी ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद कार्यकारिणी ने रेनू दहिया को महासचिव पद पर नियुक्त कर दिया।
विरोध कर रहे सदस्यों का कहना है कि निर्वाचित पद को सीधे नियुक्ति के माध्यम से भरना सभा के संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। उनका कहना है कि इस पद पर केवल चुनाव के जरिये ही नियुक्ति होनी चाहिए।
विरोध जताने वालों में 83 कॉलेजियम सदस्य और 67 आजीवन सदस्य शामिल हैं। सभी ने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपकर महासचिव पद के लिए जल्द निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की। साथ ही सुझाव दिया कि चुनाव होने तक सभा के सचिव को महासचिव का कार्यभार सौंपा जाए, ताकि संगठन का कामकाज संविधान के अनुरूप चलता रहे।
इस दौरान रोहताश सैनी, सुरेंद्र कुमार सैनी एडवोकेट, रामनिवास सैनी, कप्तान हरीश सैनी, प्रेम कुमार, बाबूलाल सैनी, शिवकुमार सैनी, शिवचरण सैनी, पवन सैनी, नरेश सैनी, विक्रम सैनी, दुलीचंद सैनी, दिनेश सैनी सहित बड़ी संख्या में कॉलेजियम सदस्य मौजूद रहे।
उधर सैनी सभा के प्रधान एडवोकेट हरीश सैनी ने कहा कि जो कार्यकारी महासचिव नियुक्त किया गया है वह संविधान की प्रक्रिया के अनुरूप है। महासचिव के चुनाव की आगे की प्रक्रिया भी संविधान के अनुसार की जाएगी।