लाखों रुपये से बनवाया गया बोर्ड कचरे के ढेर में तब्दील हो गया है। स्टील की कुर्सियां खुले आसमान के नीचे कोने में पड़ी हैं। परिसर में कहीं पर भी स्वच्छता नहीं है। प्लेटफार्म नंबर दो से ट्रेन पकड़नी हो तो धूप या बारिश में परेशानी होगी। यह सब महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन के हालात हैं। इस स्टेशन को आदर्श रेलवे स्टेशन का दर्जा मिला हुआ है। रेल मंत्री को ट्विट करने के बाद भी हालात नहीं बदले।
महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिलेगा। करीब छह महीने पहले रेलवे ने डिस्पले बोर्ड तैयार कर भेजा था। हिंदी और अंग्रेजी में महेंद्रगढ़ लिखे यह डिस्पले बोर्ड उसी समय से कोने में पड़े कबाड़ बन रहे हैं। जानकारी के अनुसार रेलवे ने तीन लाख रुपये से डिस्पले बोर्ड बनवाए थे। इनको लगाने के लिए अभी तक प्रयास नहीं किए गए। रेलवे स्टेशन पर लगाने के लिए स्टील की कुर्सियां भी आई। इन कुर्सियों को भी अब तक नहीं लगाया गया। कुर्सियां स्टेशन के बाहरी हिस्से में पड़ी हैं। इसको लेकर रेलयात्री महासंघ शिकायत भी कर चुका है। डिजिटल युग की बात करने वाली इस सरकार में डिजिटल माध्यम से की गई शिकायत भी कचरे मे डिब्बे में पहुंच रही हैं। रेल यात्री महासंघ के प्रधान ने इस बारे में रेल मंत्री पीयूष गोयल को भी ट्विट किया था। इसके बाद भी न तो कुर्सी लगी, न ही बोर्ड उस स्थान से हिलाया गया।
आदर्श रेलवे स्टेशन के खिताब वाले इस स्टेशन पर कुछ भी आदर्श नहीं मिलेगा। यहां केवल दो प्लेटफार्म हैं। जिसमें एक नंबर प्लेटफार्म पर ही शेड बनाया गया है। अगर दो नंबर प्लेटफार्म पर किसी यात्री को ट्रेन पकड़नी होगी तो उसे धूप या बारिश में भी खड़ा रहना होगा। दिव्यांग यात्रियों के लिए यहां रैंप की सुविधा भी नहीं है। सफाई के मामले में भी स्टेशन का ऐसा ही हाल है।
महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर कुछ समस्याएं हैं। इन समस्याओं का निदान कराने के लिए रेल मंत्री को ट्विट किया था। अभी तक समस्या का हल नहीं हुआ। रेलवे की ओर से आए डिस्पले बोर्ड नहीं लगाए जा रहे। कुर्सियां भी उसी हालात में पड़ी हैं।
रामनिवास पाटोदा, प्रधान, दैनिक रेलयात्री महासंघ।
रेलवे बीकानेर मंडल की ओर से कुर्सियां खरीदी गई हैं। कुर्सियां लगाने के लिए एक निजी कंपनी को काम का टेंडर दिया हुआ है। कंपनी को इस बारे में लिखा जा चुका है। जल्द ही कुर्सी लगा दी जाएंगी। डिस्पले बोर्ड लगाने का काम रेलवे ने एक कंपनी को दिया है। कंपनी की ओर से काम किया जाना है।
धर्मपाल, स्टेेशन अधीक्षक, रेलवे स्टेशन, महेंद्रगढ़।