महेंद्रगढ़। जिले से हरिद्वार के लिए परिवहन सुविधा नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को ट्रेनों का सहारा लेना पड़ रहा है। आसपास के तीन जिलों से केवल दो बस बसों का संचालन होता है।
नारनौल डिपों द्वारा एक भी बस का संचालन नहीं किया जा रहा है। जिले के श्रद्धालु हरिद्वार जाने के लिए दूसरे जिलों की परिवहन सेवा पर निर्भर हैं। हर वर्ष श्रावण माह से पूर्व ही श्रद्धालुओं द्वारा हरिद्वार के लिए स्पेशल बस चलाने की मांग की जाती रही है। बता दें कि प्रदेश के लोग भारी संख्या हरिद्वार जाकर में श्रावण में स्रान करते है तथा कावड़ लाने की भी प्रथा है।
करीब एक माह तक स्रान चलता है। इस दौरान जिले के लोग भारी संख्या में एक माह तक हरिद्वार आवागमन करते हैं। नारनौल डिपो की ओर से हरिद्वार के लिए कोई विशेष बस सेवा नहीं चलाई जा रही है। वहीं प्रति वर्ष करीब पांच हजार लोग पैदल कांवड़ लेकर आते हैं, जबकि 15 हजार से अधिक लोग हरिद्वार के लिए आवागमन करते हैं। ऐसे में इन श्रद्धालु को परिवहन सुविधा नहीं होने के कारण भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
दादरी डिपो की महेंद्रगढ़ बस स्टैंड से सुबह 5.50 बजे बस का संचालन किया जा रहा है। इस बस का महेंद्रगढ़ के अलावा क्षेत्र के अन्य लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। रेवाड़ी डिपों की ओर से भी केवल एक बस संचालन का संचालन किया जा रहा है। हरिद्वार के लिए बस संचालन नहीं होने के कारण महेंद्रगढ़ जिला के यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
महेंद्रगढ़ और नारनौल रेलवे स्टेशन से हरिद्वार के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है। श्रद्धालुओं को रेल में सफर करने के लिए रेवाड़ी स्टेशन का सहारा लेना पड़ रहा है। रेवाड़ी स्टेशन से भी हरिद्वार के लिए केवल दो ट्रेन जाती है। हरिद्वार जाने वाली योगा एक्सप्रेस रेवाड़ी से रात को 2.55 बजे रवाना होती है। इससे श्रद्धालुओं को पूरी रात स्टेशन पर बितानी पड़ती है। इसके अलावा उंतराचल एक्सप्रेस सुबह जल्दी रेवाड़ी से रवाना होती है। ऐसे यहां के श्रद्धालुओं को यह ट्रेन पकड़ने के लिए सुबह जल्दी रवाना होना पड़ता है।
नारनौल डिपो की ओर से 152 डी होते हुए सुबह के समय रोडवेज बस का संचालन किया जाए। यह बस नारनौल से रवाना होकर महेंद्रगढ़, वाया बुचावास 152डी कट, चरखी दादरी, रोहतक, पानीपत, शामली, सहारनपुर, रूड़की होते हुए हरिद्वार तक श्रावण माह में नियमित संचालन किया जा सकता है। इस बस का संचालन होने के बाद नांगल चौधरी व अटेली क्षेत्र के लोग नारनौल पहुंचकर हरिद्वार जा सकते है।