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बेसहारा पशु फसलों को पहुंचा रहे नुकसान, ठंड में किसान जागकर कर रहे रखवाली

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गांव दौंगड़ा अहीर चौक के पास खड़े बेसहारा पशु। संवाद - फोटो : Narnol
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बेसहारा पशु खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे आधा दर्जन गांवों के किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नुकसान से बचने के लिए किसान सर्द रातों में भी खेतों में पहरेदारी कर रहे हैं। वहीं ये पशु इतने हिंसक हैं कि रात के समय किसान जब खेतों से इन्हें हटाने का प्रयास करते हैं तो यह मारने के लिए दौड़ते हैं। रात के समय मवेशियों के झुंड खेतों में घुसकर फसलों में नुकसान कर रहे हैं। दौंगड़ा अहीर क्षेत्र के कई गांवों में इन दिनों किसान वर्ग बेसहारा पशुओं से परेशान हैं।
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दौंगड़ा अहीर, कलवाड़ी, भालखी, मुंडिया खेड़ा, दौंगड़ा जांट, बेवल तथा आसपास के गांव के किसानों ने बताया कि बेसहारा पशुओं के कारण फसलों को नुकसान हो रहा है। इन दिनों बेसहारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। क्षेत्र से गुजरने वाली सड़कों पर जहां ये पशु दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं वहीं खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। मौका मिलते ही पशु खेतों में घुस जाते हैं और फसलों में मुंह मारकर उन्हें खराब कर देते हैं। इन पशुओं में गाय, सांड़ के अलावा नील गायों के झुंड हैं।
हिंसक पशुओं से बना हुआ है भय
किसान शेर सिंह, राजकुमार यादव, सत्यपाल, ललित, सुरेश ने बताया कि हमें रात के समय ठंड में भी पहरा देना पड़ रहा है। किसान जब अकेला इन्हें हटाने जाता है तो यह पशु मारने दौड़ते हैं। हिंसक पशुओं के कारण किसानों में भय बना हुआ है। प्रशासन इन पशुओं से होने वाले फसली नुकसान से बचाने के लिए ठोस प्रबंध करे। इसी प्रकार से खेतों में नुकसान होता रहा तो आने वाले दिनों में एक दाना भी नहीं होगा।
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