महेंद्रगढ़/सतनाली। सतनाली क्षेत्र के 25 गांवों व 9 ढाणियों में हर घर तक पीने का पानी पहुंचाने के लिए नाबार्ड की ओर इसी साल पूरे किए गए 125 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। इस प्रोजेक्ट का कार्य पूरा हो चुका है और ठेकेदार को पेमेंट भी कर दी गई है, लेकिन अनेक गांवों में अभी भी तय सीमा के अनुसार पाइप लाइन उपलब्ध नहीं कराई गई। अब धीरे-धीरे इस प्रोजेक्ट की खामियां निकलकर सामने आने लगी हैं।
एक तरफ अधिकांश गांवों में लाइन लगभग 30 से 40 प्रतिशत ही बिछाई गई है वहीं कुछ गांव ऐसे भी हैं जहां या तो लाइन बिल्कुल ही नहीं बिछाई गई या फिर महज 10 प्रतिशत ही लाइन बिछाई गई। अधिकारियों की अनदेखी के चलते ठेकेदार ने अपनी मन मर्जी से लाइन बिछा दी तथा बहुत सी जगह पर महज आधा दर्जन घरों को ही पानी की आपूर्ति करने के लिए डिजाइन को दरकिनार करते हुए आधे से एक किलोमीटर तक लाइन बिछाई गई हैं।
विकास एवं निगरानी समिति सदस्य संदीप मालड़ा ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग ने इस कार्य के क्रियान्वयन के लिए नारनौल डिवीजन को यह प्रोजेक्ट दिया था। सतनाली क्षेत्र के अनेक गांवों के सरपंचों की लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि यहां लाइन बिछाने के काम में बहुत सी खामियां छोड़ दी गई हैं जो अब ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ा रही है। इसके बाद विभिन्न गांवों के सरपंचों और जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता के साथ बैठक की गई जिसमें बहुत सी बातें निकलकर सामने आई है। जहां भी पाइपलाइन नहीं बिछाई गई हैं वहां केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन के अंतर्गत बजट मंजूर करवाया जाएगा। इस योजना का क्षेत्र को पूरा लाभ देने के लिए गांवों के सरपंचों से गांव के नक्शे में मार्क करवाया जा रहा है कि कहां-कहां लाइन और बिछाने की आवश्यकता है। जन स्वास्थ्य विभाग के चीफ इंजीनियर से भी इस बारे मुलाकात की गई थी। चीफ इंजीनियर ने कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए हैं सभी गांवों के ऐस्टिमेट जल्द से जल्द बनाकर एक प्रोजेक्ट के तहत मुख्यालय भिजवाने हैं, जिससे केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन के तहत फंड मंजूर करवाकर हर घर तक पीने का पानी पहुंचाया जा सके।
तय सीमा से भी कम बिछाई गई पाइप लाइन
गांव नंगला में नाबार्ड के प्रोजेक्ट के तहत 2500 मीटर लाइन बिछाई जानी थी मगर बिछाई गई महज 600 मीटर। इस प्रकार गांव पथरवा में 2784 मीटर की जगह बिल्कुल ना के बराबर लाइन बिछाई गई। गांव बलाना में 2778 मीटर की जगह महज 500 मीटर ही लाइन बिछाई गई। बहुत से गांवों में गलियों को जेसीबी से बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया गया तथा टूटी हुई टाइल लगाकर रास्ते ऊबड़ खाबड़ कर दिए गए। गांव डिगरौता में तो ठेकेदार ने लगभग आधा दर्जन पाइप बिछाई ही नहीं और ऐसे ही छोड़कर चला गया। गांव डालनवास, माधोगढ़, सुरेती जाखल, डिगरौता, श्यामपुरा, जड़वा, सुरेती पिलानिया, बलाना सहित लगभग एक दर्जन गांवों के सरपंचों ने कार्यकारी अभियंता को पत्र लिखकर पाइपलाइन बिछाने की मांग की है।
गलियों को कर दिया क्षतिग्रस्त, अब ग्रामीणों को हो रही परेशानी
गांव डालनवास के सरपंच प्रतिनिधि ओमबीर ने बताया कि नाबार्ड के प्रोजेक्ट में गांव के लिए 4500 मीटर लाइन बिछाई जानी थी। लेकिन ठेकेदार की ओर से महज दो हजार मीटर ही लाइन बिछाई गई है। ठेकेदार की ओर से जेसीबी द्वारा की बहुत सी गलियों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया जिसके कारण अब ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
परियोजना के अनुसार गांव में तीन हजार मीटर लाइन बिछाई जानी थी। लेकिन ठेकेदार की ओर से महज 500 मीटर लाइन बिछाकर काम बंद कर दिया गया। गांव के एक भी घर तक लाइन नहीं पहुंच पाई है। अब ग्राम पंचायत की ओर से अभियंता को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है।
सरपंच बिंद्र, गांव बलाना।