फोटो नंबर- 09नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में संचालित विभागीय खेल नर्सरी में तीरंदाजी का
नारनौल। नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम में संचालित विभागीय नर्सरी में खिलाड़ियों को तीरंदाजी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सत्र 2025-26 के लिए एक अप्रैल से शुरू की गई नर्सरी में करीब 40 खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। सुविधाओं का अभाव होने पर फिर भी खिलाड़ी 4 साल में तीरंदाजी में जीते 35 पदक जीते।
स्टेडियम में संचालित नर्सरी में सत्र 2021-22 से अब तक 4 सालों से तीरंदाजी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान खिलाड़ियों ने राज्यस्तरीय और राष्ट्रीयस्तर पर आयोजित कई प्रतियोगिता में भाग लिया है। पदक जीत कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। तीरंदाज यशु, दिव्या, गीता और भावना ने बीते वर्ष राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते थे।
4 सालों में खेल नर्सरी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ियों ने विभिन्न राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में 21 पदक, अखिल भारतीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में 7 पदक और विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 7 पदक सहित 35 पदक जीते हैं। खेल नर्सरी में कोच विनय कुमार खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। कोच विनय कुमार नारनौल के रहने वाले हैं और बतौर खिलाड़ी उन्होंने राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय स्तरीय अनेक प्रतियोगिताओं में कई पदक जीते हैं।
बीते कुछ वर्षों में जिले में सबसे ज्यादा पदक तीरंदाजी में जीते गए हैं, लेकिन संसाधनों के अभाव में प्रतिभा होते हुए भी खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पाते। क्योंकि तीरंदाजी के अभ्यास के लिए जिस धनुष और बाण की आवश्यकता होती है। वह खिलाड़ियों को स्वयं अपने खर्च पर खरीदने पड़ते हैं, इनकी कीमत करीब 8 हजार से 10 हजार रुपये तक है, लेकिन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए जिन धुनष-बाण से बेहतर अभ्यास किया जाता है। वह करीब 2 लाख रुपये तक आते हैं। इस कारण आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
वर्जन :
4 साल से खेल नर्सरी में खिलाड़ियों को तीरंदाजी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खिलाड़ियों ने कई प्रतियोगिताओं में अब तक 35 पदक जीते हैं। बतौर कोच प्रयास है कि खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाए। कमियों को दूर किया जाए, जिससे कि खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर पदक जीत सकें। क्षेत्र का नाम रोशन करें।-विनय कुमार, कोच