फोटो संख्या:73- गांव बाघोत में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रद्धालुओं की कथा सुनाते कथावा
कनीना। बाघेश्वर धाम बाघोत में संत रोशन पूरी महाराज के सानिध्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीला की कथा सुनाई गई।
खेड़ी तलवाना से पहुंचे महाराज दास मोहित कौशिक ने कथा में भक्तो को गिरिराज धरण की कथा से जोड़ते हुए बताया कि भक्तो की रक्षा के लिए भगवान ने अंगुली पर गिरिराज को उठाया। उसके उपरांत भगवान ने ऋषि पत्नियों पर कृपा की। कथा में विशेष रूप से रास पंचाध्यायी की कथा का रसपान किया। उन्होंने बताया कि रास जो है वो गोपियों का भगवान के प्रति विशुद्ध प्रेम है, गोपियों का भगवान के प्रति अनुराग है। रासलीला में भगवान और भक्तों का मिलन है ना की स्त्री और पुरुष का। कलयुग के प्रभाव में आकर हमारी संस्कृति डूबती जा रही है। उसके उपरांत महाराज ने कंस वध की कथा सुनाई, भगवान का उज्जैन से शिक्षा ग्रहण करना और जरासंध द्वारा मथुरा पर आक्रमण करना भगवान का रण छोड़ कर द्वारका जाना। उसके उपरांत रुकमणी मंगल के साथ कथा को विश्राम किया गया।
इस अवसर पर महंत रोशनपुरी महाराज, संजय महाराज, मूल सिंह, बिट्टू पुजारी, राजेश, विक्रम ठेकेदार, महिपाल नंबरदार, सते, सुशील, कृष्ण शर्मा, योगेश सहित अनेक श्रद्धालु माैजूद रहे।