नारनौल। जिले में अभी डेंगू व मलेरिया ने दस्तक नहीं दी है, लेकिन नगर परिषद द्वारा शहर में जल्द ही फोगिंग शुरू नहीं करवाई गई तो आने वाले दिनों में हालात भयावह हो सकते हैं। शहर में अनेक जगह पर जलभराव होने से मक्खी-मच्छरों का जमावड़ा बना हुआ है। यहीं नहीं नगर परिषद के मुख्य द्वार पर ही पानी खड़ा हुआ, जिसमें मच्छर पैदा हो रहे हैं। जिनसे आस-पास के दुकानदारों में डेंगू-मलेरिया फैलने का भय बना हुआ है।
बता दें कि बारिश के बाद मौसम में बदलाव होने से आस-पास गंदगी व जमा पानी में मक्खी-मच्छर पनपने लगे हैं। जिनसे डेंगू व मलेरिया फैलने का डर बना हुआ है। जबकि नगर परिषद द्वारा अभी तक शहर में फोगिंग शुरू कर नहीं करवाई गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा फोगिंग के लिए नगर परिषद को दवा उपलब्ध करवा रहा है, लेकिन नगर परिषद के पास एक ही फोगिंग मशीन होने की वजह से कार्य में तेजी नहीं आई है। इसके साथ शहर के ज्यादातर नाले खुले होने की वजह से भी मच्छरों का लारवा पनप रहा है। महेंद्रगढ़ से सटे रेवाड़ी व दादरी जिले में डेंगू के लगातार मरीज आ रहे है, ऐसे में विभाग को जल्द से जल्द फोगिंग करवानी चाहिए। बीते वर्ष मलेरिया का पहला केस अप्रैल और डेंगू का पहला केस जून माह में सामने आ गया था।
सवा लाख आबादी पर एक फोगिंग मशीन
शहर की आबादी तो बढ़ती गई, लेकिन सुविधाओं में बढ़ोतरी होने का नाम नहीं ले रही है। इन दिनों नगर परिषद के पास एक फोगिंग मशीन उपलब्ध है। जिसकी वजह से करीब सवा लाख की आबादी वाले शहर में कैसे समय पर फोगिंग करना संभव है। नगर परिषद के पास ज्यादातर मशीन खराब पड़ी है। अगर उन्हें समय पर ठीक करवा लिया जाए तो शहर में फोगिंग कार्य तेजी से हो सकता है।
520 घरों में लारवा मिलने पर विभाग ने दिया नोटिस
स्वास्थ्य विभाग की 152 टीम जिला में डोर टू डोर लारवा की जांच की जा रही है। विभाग की तरफ से जुलाई माह में 151795 घरों में लारवा की जांच की गई। इस दौरान जिन घरों में लारवा पाया जाता है, उन्हें विभाग की तरफ से नोटिस भी दिया जा रहा है। जनवरी से जुलाई माह तक विभाग की तरफ से 520 घरों में लारवा पाए जाने पर नोटिस दिया जा चुका है। जनवरी से जुलाई माह तक मलेरिया के 89869 व डेंगू के 382 सैंपल लिए जा चुके हैं। जिनमें से एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला है।
जिन घरों में लारवा पाया जा रहा है, उन्हें नोटिस दिया जा रहा है। अभी जिले में एक भी डेंगू व मलेरिया का केस नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग की 152 टीम डोर टू डोर सर्वे कर रही है।
-राकेश शर्मा, एचआई स्वास्थ्य विभाग नारनौल।