नारनौल। सिविल अस्पताल हिसार में मृतक सुमित का मोर्चरी में गत आठ दिन से रखे शव को लेकर आरोपियों को गिरफ्तार न करने के मामले में परिजन व सामाजिक संगठनों का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। विभिन्न संगठनों द्वारा महेंद्रगढ़ रोड स्थित संघर्ष समिति कार्यालय में एकत्रित होकर संयुक्त हस्ताक्षर से सर्व अनुसूचित जाति संघर्ष समिति के प्रधान चंदन सिंह जालवान व समिति के महासचिव एवं कबीर सामाजिक उत्थान संस्था दिल्ली के प्रमुख सलाहकार बिरदी चंद गोठवाल द्वारा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, डीजीपी व अन्य पुलिस के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की है। वहीं पीड़ित परिवार को 50 लाख व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मुहैया कराने की मांग की है।
बैठक में हिसार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया गया। संघर्ष समिति के महासचिव बिरदी चंद गोठवाल ने बताया कि 22 वर्षीय राजथल हिसार निवासी सुमित द्वारा 29 सितंबर को अमरदीप काॅलोनी हिसार में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। परिजनों का आरोप है कि युवक द्वारा अंतरजातीय विवाह के फलस्वरूप उसे आत्महत्या के लिए उकसा कर मजबूर किया गया है। मृतक के परिजनों ने उसकी पत्नी, उसका भाई व दो बहनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करवाया था। मृतक का शव गत आठ दिन से मोर्चरी में रखा हुआ है और परिजन व विभिन्न सामाजिक संगठन लगातार नारेबाजी व धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस अवसर पर प्रधान लालाराम नाहर, प्रधान चंदन सिंह जालवान, महासचिव बिरदी चंद गोठवाल, सचिव किशनलाल लुहानीवाल, संघर्ष समिति के प्रमुख सलाहकार व धानक सभा के शिवनारायण मोरवाल, जिलाध्यक्ष अनिल फांडन, प्रधान जोगेंद्र जैदिया, उपाध्यक्ष राजेश चांवरिया, प्रधान एवं पूर्व डीजीएम महेंद्र खन्ना, प्रधान जसवंत भाटी, प्रधान तोताराम, पतराम खिंची, प्यारेलाल चवन व सुमेर सिंह गोठवाल व अमरनाथ सिरोहा, रामचंद्र, प्रवीण सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।