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Mahendragarh-Narnaul News: 36 आरोही मॉडल स्कूलों के कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग

Mon, 11 Nov 2024 01:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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नारनौल। प्रदेश के 36 आरोही मॉडल स्कूलों में कार्यरत सैकड़ों शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों का भविष्य पिछले सात वर्षों से अधर में लटका हुआ है।
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वर्ष 2011 में शुरू हुए इन स्कूलों में 2232 पदों पर नियुक्त किए गए कर्मचारियों को पांच वर्ष की सेवा पूरी करने पर नियमित करने का प्रावधान था। इसके अतिरिक्त, उन्हें नियमित कर्मचारियों की तरह समान वेतनमान और अन्य भत्तों का भी आश्वासन दिया गया था। लेकिन वर्षों बाद भी ये वादे अधूरे हैं और कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं।


आरोही मॉडल स्कूल स्टाफ एसोसिएशन हरियाणा के राज्य अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि आरोही मॉडल स्कूलों की शुरुआत 2011 में हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की थी। इन स्कूलों में प्राचार्य, प्राध्यापक, और लाइब्रेरियन के पदों पर 2012 में उच्च मापदंडों के साथ योग्य शिक्षकों को नियुक्त किया गया। उनसे वादा किया गया था कि पांच साल की संतोषजनक सेवा के बाद उन्हें नियमित किया जाएगा, परंतु 2018 में सेवा अवधि पूरी होने के बावजूद नियमितीकरण की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है।
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नियमितीकरण प्रक्रिया में आ रहीं बाधाएं:
पांच साल की सेवा पूरी करने के बाद, 5 फरवरी 2018 को शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अक्टूबर 2018 में फिर से दस्तावेजों की मांग की गई। बार-बार दस्तावेज मंगाने के बावजूद भी नियमितीकरण की प्रक्रिया में ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इस बीच, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा पीजीटी पदों पर नई भर्ती की घोषणा के बाद, आरोही मॉडल स्कूलों के कई शिक्षकों ने अन्य स्थानों पर चयनित होकर इस्तीफा दे दिया। इसे देखते हुए, 4 दिसंबर 2018 को शिक्षा विभाग ने एक बार फिर आदेश जारी कर पांच वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय लिया, जिससे कई शिक्षकों ने अपने इस्तीफे वापस ले लिए।
उच्चस्तरीय बैठक में सहमति के बावजूद स्थिति जस की तस:
21 जुलाई 2023 को तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (विद्यालय शिक्षा) राजेश खुल्लर की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में नियमितीकरण के प्रस्ताव पर सहमति दी गई। निर्णय लिया गया कि प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। लेकिन अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं हुआ है। कर्मचारियों को हर बार आश्वासन दिया जाता है, लेकिन ठोस कदमों का अभाव है।
कर्मचारियों की समस्याएं और राज्य शिक्षा प्रणाली पर प्रभाव:
आरोही मॉडल स्कूलों के कर्मचारियों का नियमितीकरण न होने से वे स्थाई वेतनमान और भत्तों से वंचित हैं। आर्थिक असुरक्षा के कारण उनकी कार्यक्षमता पर भी असर पड़ता है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है। नियमितीकरण न होने से कर्मचारी आर्थिक और मानसिक तनाव का भी सामना कर रहे हैं।
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एसोसिएशन का सरकार से आग्रह
मनोज कुमार का कहना है कि बार-बार आश्वासनों के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा, सरकार से निवेदन है कि कर्मचारियों की समस्याओं को समझते हुए नियमितीकरण की प्रक्रिया को पूरा करें। इससे न केवल कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि राज्य की शिक्षा प्रणाली को भी लाभ होगा।
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