नारनौल। क्षेत्र में किसानों में डीएपी की मांग बनी हुई है। पुरानी अनाज मंडी स्थित सरकारी खाद केंद्र से 8 दिनों में अब तक करीब 1800 बैग डीएपी का वितरण किया जा चुका है। एक किसान को दो बैग डीएपी का वितरण किया जाता है। किसानों गांव के ही केंद्र में खाद वितरण की मांग की है।
18 सितंबर को खाद केंद्र पर 2 हजार डीएपी बैग व 500 बैग एनपीके के और गत सोमवार को 900 बैग डीएपी व 400 बैग एनपीके की खेप पहुंची थी। जिसमें से करीब 1800 बैग डीएपी व करीब 550 बैग एनपीके का वितरण किया जा चुका है।
सरकारी खाद केंद्र पर सुबह 10.30 तक खाद केंद्र पर पहुंचे किसानों को टोकन नंबर दिया जाता है। इस कारण किसान सुबह 7 बजे से ही खाद केंद्र पर पहुंचना शुरू हो जाते हैं लेकिन अधिक भीड़ होने के कारण किसानों को खाद दोपहर तक मिल पाता है। खाद केंद्रों पर अधिक भीड़ का प्रमुख कारण यह है कि जिले में केवल 4 सरकारी खाद केंद्र पर ही डीएपी का वितरण किया जा रहा है। वहीं गांवों में बने खाद केंद्रों पर खाद उपलब्ध नहीं है, जिस कारण खाद केंद्रों पर अधिक भीड़ रहती है।
गांव के आसपास स्थित केंद्रों पर खाद उपलबध नहीं है। इस कारण नारनौल स्थित सरकारी खाद केंद्र पर खाद लेने आया था। सुबह 7 बजे खाद केंद्र पर पहुंच गया था, लेकिन अधिक भीड़ होने के कारण मुझे दोपहर 12 बजे खाद प्राप्त हुआ।
कुलदीप कुमार, किसान, गांव भूषण कलां
5 बैग डीएपी चाहिए। इसके लिए खाद केंद्र पर तीन बार आना पड़ेगा। खाद प्राप्त करने में एक दिन लगता है। ऐसे में मुझे तीन दिन का अवकाश करना पड़ेगा। प्रशासन से मांग है कि गांवों में केंद्र पर भी खाद उपलब्ध कराई जाए। हरिपाल, किसान, गांव-खातौली अहीर
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वर्जन :
जिले के 4 सरकारी खाद केंद्रों पर खाद का वितरण सुचारू रूप से किया जा रहा है। आगामी दिनों में गांवों में बने खाद केंद्रों पर भी डीएपी व एनपीके की खेप पहुंचाई जाएगी ताकि किसानों को सुगमता से खाद प्राप्त हो सकें।
संजय, गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक, कृषि विभाग, नारनौल।