सामान्य अस्पताल के प्रसूति वार्ड के गेट पर महिला ने एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दिया। सूचना मिलने पर हरकत में आए अस्पताल स्टाफ ने महिला की देखभाल की और बाद में उसे अस्पताल में भर्ती करवाया। डिलीवरी के बाद जच्चा-बच्चा की हालात सामान्य बताई जा रही है।
जिला मुख्यालय से 8 किमी दूर गांव निजवानगर की राजबाला (22) को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने एंबुलेंस के लिए सामान्य अस्पताल फोन किया। चालक धर्मेंद्र इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन संतोष के साथ एंबुलेंस लेकर पहुंचा और परिजनों के साथ राजबाला को लेकर अस्पताल आ रहा था। जैसे ही एंबुलेंस पुलिस लाइन के पास पहुंची तो राजबाला को दर्द ज्यादा होने लगा और डिलीवरी होना शुरू हो गई।
ईएमटी ने सूझबूझ से काम लेते हुए डिलीवरी करवाना शुरू कर दिया और सूचना अस्पताल में दे दी। वहीं चालक धर्मेंद्र एंबुलेंस को सीधा जच्चा-बच्चा वार्ड के पास ले गया। प्रसूति वार्ड के गेट पर ले जाकर उसने गाड़ी रोकी। प्रसूता वार्ड से तुरंत नर्स एंबुलेंस के पास पहुंचीं। नर्सों ने महिला को संभाला और एंबुलेंस में ही महिला की डिलीवरी कराई।
महिला और बच्चे को किया भर्ती
महिला की डिलीवरी सामान्य हुई लेकिन स्वास्थ्य और देखरेख के लिए अस्पताल प्रशासन ने जच्चा-बच्चा को को अस्पताल में भर्ती कर लिया, फिलहाल दोनों की हालत ठीक है। वैसे तो जहां से डिलीवरी होना शुरू हुई, पुलिस लाइन सिविल अस्पताल से करीब 150 मी पहले है। मगर ट्रैफिक और दुकानदारों के अतिक्रमण की वजह से एंबुलेंस निकलने में चार से पांच मिनट लग जाते हैं।
टूटे रोड भी जल्द डिलीवरी का कारण
शहर के टूटे हुए रोड भी जल्दी डिलीवरी का कारण हैं। टूटे रोड की वजह धक्के लगने से प्रसूता को प्रसव पीड़ा तेज होने लगती है तथा इससे डिलीवरी भी हो सकती है। नारनौल में सिविल अस्पताल की ओर जाने वाले सारे रोड टूटे हुए हैं। वहीं अन्य रोड की हालत भी दयनीय है।