संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। हरियाणा सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री रामबिलास शर्मा ने अपने खिलाफ कथित रूप से प्रसारित किए गए एक वीडियो इंटरव्यू को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पूर्व शिक्षामंत्री के अधिवक्ता अभिषेक कुमार ने 11 जून को पूर्व सरकारी अधिकारी गांव डुलाना निवासी सुरेंद्र सिंह राव को कानूनी नोटिस भेजा है।
सुरेंद्र सिंह राव की ओर से सोशल मीडिया पर दिए गए साक्षात्कार के बाद क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से आपत्ति जताई थी। रविवार को गौड़ ब्राह्मण सभा की जिलास्तरीय बैठक में गांव डुलाना निवासी सुरेंद्र सिंह राव के बयानों का विरोध किया गया तथा कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई थी।
बैठक में नारनौल, महेंद्रगढ़, अटेली, कनीना और सतनाली क्षेत्र से समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया था कि सुरेंद्र राव द्वारा न्यायपालिका तथा कई सार्वजनिक व्यक्तित्वों के संबंध में की गई टिप्पणियां अनुचित और आपत्तिजनक है।
वहीं नोटिस में आरोप लगाया गया है कि पूर्व शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार, अवैध धन प्राप्त करने तथा सार्वजनिक पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। नोटिस के अनुसार इन आरोपों को तथ्यों के रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि उनके समर्थन में कोई दस्तावेज, जांच रिपोर्ट, न्यायिक निष्कर्ष या अन्य साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।
वीडियो में सुरेंद्र सिंह राव ने स्वयं को कथित घटनाओं का प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए ऐसे बयान दिए, जिससे पूर्व मंत्री की सार्वजनिक छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। वीडियो में सनसनीखेज दावे प्रदर्शित कर आरोपों को और अधिक प्रचारित किया गया।
प्रो. रामबिलास शर्मा की ओर से नोटिस में सात दिनों के भीतर वीडियो तथा उससे जुड़े सभी डिजिटल कंटेंट को हटाने, सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी की मांग की गई है। साथ ही प्रतिष्ठा को हुई कथित क्षति के लिए 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग भी की गई है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में मांगें पूरी नहीं होने पर संबंधित पक्षों के खिलाफ दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
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न माफी मांगूंगा और न राशि दूंगा: सुरेंद्र
इस मामले में डुलाना निवासी सुरेंद्र सिंह राव का कहना है कि रामबिलास शर्मा की ओर से 10 करोड़ रुपये की मानहानि का कानूनी नोटिस मिला है। मैंने स्पष्ट किया है कि न तो मैं माफी मांगूंगा और न ही कोई राशि दूंगा, क्योंकि अपने बयानों को मैं तथ्यात्मक और सत्य मानता हूं। यदि मामला अदालत तक जाता है तो मैं स्वयं अपना पक्ष रखूंगा। मेरी संपत्ति को लेकर उठाए गए सवालों का स्वागत है और मैं हर जांच के लिए तैयार हूं। मैंने यह भी कहा कि यदि मेरे खिलाफ आरोपों की जांच हो सकती है तो रामबिलास शर्मा की संपत्ति और राजनीतिक जीवन की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।