गांव बांयल में मोड़ के पास रविवार शाम डंपर की चपेट में आने से महिला की मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने दो घंटे तक सड़क पर जाम लगाया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर एंबुलेंस की सहायता से नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। बाद में नांगल चौधरी थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया। रात करीब 10:30 बजे लोगों ने जाम खोला।
ग्रामीण श्याम चंदेला, महेंद्र, जयदयाल, अनिल, जगदीश, सत्यपाल, पवन, कृष्ण, महेश, जयसिंह, रतिराम, छोटेलाल और रघुबीर आदि ने बताया कि सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। महिला बिमला देवी पत्नी शीशराम निवासी ऐला की ढाणी बांयल से अपने चाचा बेगराज के साथ बाइक अपने मायके जमालपुर राजस्थान जा रही थी। साथ में उसकी पांच साल की बेटी रीनू भी थी। ढाणी से बांयल निजामपुर सड़क पर आते ही पीछे से आ रहे डंपर की चपेट में आ गए।
इससेे बिमला देवी की मौके पर ही मौत हो गई और चाचा बेगराज और बेटी रीनू बाइक समेत सड़क के पास गड्ढे में जा गिरे। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बायंल बस स्टैंड पर जाम लगा दिया। नांगल चौधरी एसएचओ संदीप शर्मा, निजामपुर पुलिस चौकी इंचार्ज हवा सिंह आदि ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि बांयल में एक पुलिस चौकी होनी चाहिए ताकि दुर्घटना पर अंकुश लग सके।
क्षेत्र में चल रहे क्रशर और ग्राइंडर मशीनों से हो रहे पर्यावरण प्रदूषण, अवैध खनन और ब्लास्टिंग पर रोक लग सके। एसएचओ नांगल चौधरी ने ग्रामीणों की मांग उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया और यहां पर पुलिस नाका लगवाने की बात कही। आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। निजामपुर पुलिस चौकी इंचार्ज हवा सिंह ने मृतक बिमला देवी का सोमवार को स्थानीय अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।