कनीना। नगर पालिका कनीना के वार्ड-14 में होने वाले उपचुनाव के बीच अब डीएवी कॉलेज की बंद पड़ी 58 एकड़ भूमि भी बड़ा चुनावी मुद्दा बनती जा रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वर्षों से बंद पड़े इस जमीन को लेकर अब ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए।
कस्बा वासियों देवेंद्र, कृष्ण कुमार, नवीन यादव, नरेंद्र कुमार, किशन लाल ने कहा कि नगर पालिका कनीना की लगभग 58 एकड़ भूमि करीब 27 वर्ष पहले 99 साल की लीज पर दी गई थी लेकिन जिस उद्देश्य के लिए यह जमीन दी गई थी वह अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
इंजीनियरिंग कॉलेज में भी वर्तमान में एक भी एडमिशन नहीं है। वार्डवासियों का कहना है कि अब जो नया पार्षद चुना जाएगा, उससे लोगों को उम्मीद रहेगी कि वह इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगा और या तो डीएवी कॉलेज को दोबारा शुरू करवाने के लिए प्रयास करेगा या इस जमीन को सरकार के किसी जनहित कार्य में उपयोग करवाने की दिशा में पहल करेगा।
वर्ष 2014 में कनीना को उपमंडल बनाए जाने के बाद क्षेत्र में सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए जमीन की आवश्यकता लगातार बढ़ी है। नई अनाज मंडी, फायर स्टेशन सहित अनेक सरकारी प्रोजेक्ट गांवों की जमीन पर बनाने पड़े जबकि शहरी क्षेत्र में आज भी पुलिस स्टेशन, पार्क, बाल भवन और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के लिए भूमि की जरूरत है।
कस्बावासी हरेंद्र शर्मा की अगुवाई में इस मामले को लेकर जिला उपायुक्त, एसडीएम, नगर पालिका प्रधान सहित अन्य अधिकारियों को कई बार ज्ञापन भी सौंपे जा चुके हैं।
ज्ञापन में मांग की गई है कि डीएवी मैनेजमेंट के साथ हुई लीज को रद्द कर जमीन दोबारा नगर पालिका को सौंपी जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि 30 दिनों के भीतर इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो नगरवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।