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Mahendragarh-Narnaul News: पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं, कई गांवों के नहीं जारी हो रहे गेटपास

Mon, 06 Oct 2025 11:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो नंबर- 26नारनौल ​स्थित नई अनाज मंडी में बारिश के दौरान तिरपाल ढक कर बाजरा मंडी लेकर पहु
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नारनौल। बाजरे की खरीद शुरू हुए 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक नारनौल, टहला व मारोली सहित अनेक गांवों को डाटा पोर्टल पर अपडेट नहीं हुआ है। इसकी वजह से कई गांवों के किसानों के गेटपास जारी नहीं किए जा रहे है जिससे किसान किसान मंडी में बाजरा नहीं बेच पा रहे हैं।
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व्यापारियों ने अस्थाई समाधान निकालते हुए उन किसानों का बाजरा भी खरीदा जिनके गेटपास जारी नहीं हो पाए थे। पोर्टल पर डाटा अपडेट हो जाने के बाद व्यापारी द्वारा किसानों को सूचित किया जाएगा, जिसके बाद किसान दोबारा मंडी आकर गेटपास कटवाना होगा और व्यापारियों द्वारा जे फार्म जारी किए जाएंगे। वहीं जब तक जे फार्म जारी नहीं हो जाते किसानों को रुपयों का भुगतान भी नहीं किया जाएगा।

बाजरे की खरीद 1900 से 2000 रुपये के भाव पर की जा रही थी। सोमवार को व्यापारियों द्वारा बाजरे के भाव में 100 रुपये की गिरावट की गई। जिससे किसानों में नाराजगी बनी हुई है, किसानों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जे फार्म के तहत जिस भाव पर बाजरा बिक रहा है उसमें से न्यूनतम समर्थन मूल्य में जितना अंतर है वह भावांतर के तहत दिया जाए।
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बाजरा खरीद शुरू होने के बाद गत 14 दिनों में नारनौल में 370, अटेली में 924 और नांगल चौधरी में 17 गेटपास जारी किए गए। नारनौल में 10242, अटेली में 25404 और नांगल चौधरी में 575 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। सरकारी खरीद के तहत अब तक किसी भी मंडी में बाजरा नहीं खरीदा गया है। वहीं व्यापारियों द्वारा जे फार्म के तहत नारनौल मंडी में 8795 व नांगल चौधरी मंडी में 377 क्विंटल बाजरे की खरीद की गई है।
बारिश के दौरान सोमवार को मंडियों में बाजरे की आवक कम रही। वहीं गत 14 दिनों में अब तक मंडियों में बाजरा बहुत कम पहुचा है और जो पहुंचा है वह टीन शेड के नीचे हैं। नारनौल मंडी में बने दो टीन शेड के नीचे बाजरे की खरीद का कार्य किया जा रहा है। वहीं सोमवार को जो किसान बाजरा लेकर मंडी पहुंचे वह अपने साथ तिरपाल लेकर पहुंचे।
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मैं मंडी में भाव जानने के लिए आई तो व्यापारी 2050 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीद रहे थे। आज जब बाजरा लेकर पहुंची तो व्यापारियों ने मेरी बाजरे की ढेरी का भाव 1800 रुपये लगाया। सरकारी खरीद नहीं होने के कारण व्यापारी मनमर्जी के दाम पर बाजरा खरीद रहे हैं और किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। -शशि यादव, किसान,गांव- मंडलाना
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सरकारी अधिकारी बाजरे की जांच तक के लिए मंडी नहीं आ रहे खरीद तो दूर की बात है। वहीं सरकार केवल भावांतर के 575 रुपये दे रही है और व्यापारी लगातार बाजरे का भाव घटा रहे हैं। सरकार से अपील है कि व्यापारियों पर लगाम लगाई जाए और भावांतर राशि को बढ़ाया जाए। -सज्जन सिंह,किसान,गांव-खासपुर

वर्जन :
मंडी में बाजरे की आवक कम है, बारिश के दौरान बाजरे के बचाव के लिए तिरपाल सहित अन्य प्रबंध किए गए हैं। वहीं पेयजल व शौचालय व्यवस्था बेहतर है और गेटपास सुचारू रूप से जारी किए जा रहे हैं ताकि किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
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आदित्य यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, नांगल चौधरी।
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