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साइबर शातिर ने 168 लोगों के जन्म व मृत्यु के पंजीकरण किए

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हैकर्स ने तीन माह पहले महेंद्रगढ़ के नागरिक अस्पताल के जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार कार्यालय का ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल सीआरएस हैक कर प्रदेशभर के जिलों में कई लोगों के मृत्यु और जन्म के पंजीकरण कर दिए थे। इसे लेकर 12 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुलिस को शिकायत भी दी गई थी। लेकिन तीन माह गुजरने के बाद 30 नवंबर को अज्ञात हैकरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ऐसे में साइबर हैकरों किए गए 168 जन्म व मृत्यु के फर्जी पंजीकरण को रद्द नहीं किया जा सका है।
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बता दें कि अज्ञात साइबर शातिर ने पोर्टल की आईडी को सात दिन तक हैक रखकर प्रदेश के पानीपत, सोनीपत, करनाल, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार सहित अन्य जिलों के जन्म के 21 व मृत्यु के 147 पंजीकरण कर दिए। विभाग के कर्मचारियों ने बाद में जब पासवर्ड रिसेट कर इसी आईडी को ओपन किया तो आंकड़े देखकर सकते में आ गए।
जांच की मांग को कर्मचारी लगाते रहे पुलिस के चक्कर:
महेंद्रगढ़ अस्पताल में जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार कार्यालय के रजिस्ट्रार ने महेंद्रगढ़ सिटी थाना में 12 अगस्त को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि संस्था के सूचना सहायक ने सीआरएस पोर्टल पर 4 अगस्त को मृत्यु पंजीकरण दर्ज किया था। तब तक पोर्टल पर जन्म पंजीकरण नंबर बी-2021: 6-90148-000477 व मृत्यु पंजीकरणन नंबर डी-2021:6-90148-000111 दर्ज था। जब 6 अगस्त को दोबारा से जन्म-मृत्यु पंजीकरण/ सरल पोर्टल की अप्लीकेशन के निपटान के लिए सीआरएस पोर्टल पर सीआरएस आईडी को लॉगिन किया, तब स्क्रीन पर यूजर आईडी ऑर पासवर्ड इस रॉन्ग का संदेश आने लगा। 12 अगस्त को सुबह सूचना सहायक की ओर से सीआरएस आईडी लॉगिन किया गया तो जन्म पंजीकरण में 147 पंजीकरण व मृत्यु पंजीकरण में करीब 21 पंजीकरण मिले।
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जांच के बिना डिलीट नहीं हो पाए फर्जी पंजीकरण
हैकर द्वारा अभी तक किए गए 168 पंजीकरण को भी विभाग द्वारा अभी तक रद्द नहीं किया जा सका है। सीआरएस पोर्टल पर दर्ज फर्जी पंजीकरण को रद्द करवाने की आगामी कार्रवाई मामले की जांच के उपरांत ही शुरू हो पाएगी। केस दर्ज होने के बाद मामले की जांच पुलिस की साइबर सेल शाखा की जाएगी।
अगस्त में जब आईडी हैक की गई थी तो उस समय पुलिस को लिखित शिकायत देकर अवगत करा दिया गया था। उच्च अधिकारियों के आदेशानुसार फर्जी तरीके से किए गए पंजीकरण को ब्लॉक कर दिया गया है। मामले की जांच के उपरांत उच्च अधिकारियों के आदेशानुसार एंट्री को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। - आरएमओ, महेंद्रगढ़ नागरिक अस्पताल, डॉ. प्रदीप यादव
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