फोटो संख्या:56- गांव अगिहार के खेत में लहराती सरसों की फसल--संवाद
महेंद्रगढ़। दो दिनों से क्षेत्र में मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है। इससे गेहूं व सरसों की फसलों को लाभ मिलेगा। मंगलवार सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी से ठंड भी बढ़ गई। आगामी दो-तीन दिनों में कोहरे एवं शीतलहर की संभावना बनी रहेगी। तापमान में भी गिरावट आएगी। कृषि विशेषज्ञ भी इस ठंड को फसलों के लिए लाभदायक मान रहे हैं। हवाओं की गति तेज रही तो कोहरे से राहत मिलेगी।
इस बार जिले में 2.50 लाख एकड़ में सरसों व 80 हजार एकड़ में गेहूं की फसल खड़ी है। इस समय सरसों की 50 प्रतिशत फसल में फलियां बननी और दाना गिरना शुरू हो गया है। वहीं गेहूं की फसल भी इस समय बालियां बनने की ओर अग्रसर है। दिन का तापमान बढ़ने से गेहूं की भी बढ़वार प्रभावित हो रही थी, लेकिन अब हल्की बूंदाबांदी से बढ़ने वाली ठंड फसलों के लिए लाभदायक है।
तीन दिन पूर्व लगातार एक सप्ताह तक तेज धूप खिलने से गेहूं की बढ़वार प्रभावित हुई थी, लेकिन पिछले तीन दिनों से मौसम परिवर्तनशील होने तथा ठंड बढ़ने से अब पुन: बढ़वार ने तेजी पकड़ी है। वहीं मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि आगामी दो-तीन दिनों में कोहरे एवं शीतलहर की स्थिति बनने की संभावना है। मौसम में आए बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी।
इस समय जिले में दोनों ही फसलें बेहतर स्थिति में हैं। एक सप्ताह तक तापमान में वृद्धि के कारण दोनों ही फसलों की बढ़वार कुछ हद तक प्रभावित जरूर हुई थी। लेकिन अब मौसम अनुकूल होने से फसलों को इसका लाभ मिलेगा। सरसों की फसल 50 प्रतिशत फूलों एवं 50 प्रतिशत फलियां बनने की स्टेज पर है। दोनों फसलें ही निरोगी हैं जिससे अच्छी पैदावार की उम्मीद है।
- डॉ. अजय यादव, उपमंडल कृषि एवं किसान कल्याण अधिकारी