तहसील कार्यालय में सोमवार की शाम बिजली निगम ने छापेमारी की। यहां बिजली का मीटर नहीं मिलने पर विभाग के खिलाफ केस बना दिया गया। इसके अलावा तहसील प्रांगण में दो अन्य मामले भी पकड़े गए।
गौरतलब है कि सरकार की ओर से ऑनलाइन रजिस्ट्री के निर्देश हैं। ग्रामीणों को कंप्यूटराइज प्रमाण पत्र, जमीनी नकल मिलेगी, सरकार का तर्क है कि इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, लेकिन नांगल चौधरी तहसील कार्यालय भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। पिछले कई सालों से यहां बिना कनेक्शन बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था। कंप्यूटर, एसी, पंखे व अन्य उपकरण रोजाना सैकड़ों यूनिट बिजली खर्च करते हैं।
शिकायत मिलने पर सोमवार को जेई सूबाराम के नेतृत्व में छापेमारी की गई। दफ्तर में मीटर नहीं मिलने पर केबल उखाड़ ली गई। एसडीओ हनुमान यादव ने बताया कि विभाग की ओर से पिछले दिनों कनेक्शन के लिए फाइल भेजी थी। सर्वे के बाद विभाग को शुल्क भरने के लिए पत्र भेज चुके, लेकिन अभी तक शुल्क जमा नहीं करवाया गया। छापेमारी कर तहसील कार्यालय पर चोरी का केस बना दिया गया। नोटिस भेजकर संबंधित अधिकारी को अवगत करवा दिया जाएगा।