निशुल्क कैंप लगाकर लोगों से रजिस्ट्रेशन और दवाइयों के नाम पर ठगी करने के मामले में गिरफ्तार युवक को पुलिस ने शिकायत के अभाव में छोड़ दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि इस मामले की जांच की जाएगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी वहीं पुलिस अधीक्षक का कहना है कि मामले में आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उसकी गिरफ्तार किया जाएगा।
मामले में पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया था और दो आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस का कहना है कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई तो वे उनको बिना शिकायत किस आधार पर हिरासत में रखें। इस मामले में न तो स्वास्थ्य विभाग ने कोई शिकायत की और न ही कैंप में आए मरीजों ने।
स्वास्थ्य विभाग ने भी नहीं दी शिकायत
स्वास्थ्य विभाग ने भी इस मामले में पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता था।
सीएमओ राजेंद्र सिंह बताया था कि जिले में जब भी कोई जांच शिविर लगता है तो स्वास्थ्य विभाग से शिविर लगाने की अनुमति लेनी पड़ती है लेकिन उक्त फर्जी डाक्टर की टीम ने इसकी अनुमति नहीं ली थी। विभाग की अनुमति लिए बिना ही कैंप लगाने वालों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मामले में एसएचओ को आदेश दिए हैं कि पकड़े गए फर्जी डाक्टर टीम के सदस्य को वापस हिरासत में लेकर पुन: जांच की जाए। जांच के बाद मामले में दोषी पाए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - मनीषा चौधरी, एसपी
यह मामला जिला आयुर्वेदिक अधिकारी के अंडर आता है। मामले में वे ही शिकायत और कार्रवाई करेंगे।
राजेंद्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। अगर इस तरह का मामला है तो इसकी जांच करवाई जाएगी और कानूनी कार्रवाई करवाई जाएगी। - अजित यादव, जिला आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी