जिला उपायुक्त से मामला सेटल करने के नाम पर 1.5 लाख रुपये ठगने की कोशिश करने वाला फैजाबाद का ‘नटवरलाल’ देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद में भी अपना शिकार बना चुका है। यहां भी उसने एक-दो आईएएस को फोन कर पीएमओ की शिकायत की कार्रवाई का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया था। मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। देश के अलावा प्रदेश की राजधानी के आईएएस ‘नटवरलाल’ यानी फैजाबाद निवासी कमलेश की पहली पसंद थे। कारण राजधानी के आईएएस या आईपीएस को ब्लैकमेल कर अन्य जिलों की तुलना में ज्यादा रकम ऐंठी जा सकती थी। नोटों का पैकेट वसूलने के लिए रेवाड़ी आए उपेंद्र से पूछताछ के लिए दिल्ली के अलावा लखनऊ की क्राइम ब्रांच भी आई। जिससे पता चला कि ऐसी ही ठगी लखनऊ में भी एक आईएएस के साथ की गई थी।
रिमांड के बाद जेसी भेजा गया उपेंद्र
उधर चार दिन की रिमांड के बाद फैजाबाद निवासी उपेंद्र को ज्यूडीशियल कस्टडी में भेज दिया गया। चार दिन की रिमांड के दौरान उपेंद्र का तीन बार मेडिकल कराया गया। कभी पूछताछ के लिए सीआईए की कस्टडी, कभी स्थानीय थाना पुलिस की पूछताछ तो कभी बाहर से आई क्राइम ब्रांच की पूछताछ के बाद उपेंद्र का मेडिकल हुआ। सभी मेडिकल ट्रॉमा सेंटर में हुए।
पुलिस के हाथ नहीं लग पाया अभी तक कमलेश
उधर आईएएस और आईपीएस को ठगने वाला फैजाबाद निवासी कमलेश शर्मा अभी तक पुलिस की स्पेशल टीम के हाथ नहीं लगा है। अपने शार्प माइंड और इंप्रेसिव लेंग्वेज के जरिए आईएएस और आईपीएस का शिकार करने वाले कमलेश की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के फैजाबाद में उसकी कोठी के अलावा अन्य संदिग्ध जगहों पर छापेमारी कर चुकी है। लेकिन उपेंद्र की गिरफ्तारी के बाद से ही वह अंडरग्राउंड है।
4 मार्च को डीसी के साथ की थी ठगी की कोशिश
गौरतलब है कि 4 मार्च को उपायुक्त डॉ. यश गर्ग के सरकारी मोबाइल फोन नंबर पर एक अंजान नंबर से कॉल और मैसेज आए थे। कॉल करने पर बात करने वाले शख्स ने खुद को दिल्ली डीओपीटी विभाग में कार्यरत अधिकारी एसपी गर्ग बताया था और डीसी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत वाली 225 पेज की रिपोर्ट पीएमओ से आने की बात कही थी। वहीं मामला सेटल करने के नाम पर 50-50 हजार के तीन पैकेट बतौर घूस देने को कहा था।
आईएएस और आईपीएस को ठगने वाले गिरोह का सरगना फैजाबाद निवासी कमलेश शर्मा फिलहाल पुलिस की पकड़ में नहीं आया है। टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं, जल्द ही गिरफ्तारी होगी। संसद में भी आईएएस को ठगने की बात सामने आई है।
- मो. जमाल, डीएसपी सिटी, रेवाड़ी