गांव बिहारीपुर में रविवार रात पुलिस सुरक्षा में ही एक बुजुर्ग की हत्या कर दी। बुजुर्ग हत्या के एक मामले में मुख्य गवाह था और सोमवार को ही उसकी कोर्ट में गवाही होनी थी।
बदमाशों ने दोनों पुलिसकर्मियों को संभलने का भी मौका नहीं दिया और उनके सामने ही बुजुर्ग को गोली मार दी। रात को बिहारीपुर में हुई इस वारदात के बाद ग्रामीण सहमे हुए हैं और कोई भी कुछ नहीं बोल रहा है।
पुलिस ने रात को ही मौके पर पहुंच मृतक की पत्नी के बयान पर नामजद लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया।
लंबे समय से चल रहे विवाद में तीनों गवाहों की हत्या होने के बाद कोर्ट के आदेश पर श्रीराम को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाई थी।
दो पुलिसकर्मी 24 घंटे उसकी सुरक्षा में थे। रविवार रात कमरे में पुलिसकर्मी और श्रीराम बातचीत कर रहे थे। करीब 12.30 बजे 6-7 बदमाश दरवाजे की कुंडी खोल भीतर आए और बुजुर्ग पर फायर कर दिया।
पुलिसकर्मियों ने बंदूक उठाने की कोशिश की लेकिन बदमाशों ने उन्हें जान से मारने की धमकी देकर चुपचाप लेटे रहने को कहा। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चारदीवारी कूदकर भाग गए।
परिजनों ने जमकर शोरशराबा मचाया लेकिन ग्रामीणों तक उनकी आवाज नहीं पहुंची। सुरक्षा कर्मियों ने विभागीय अधिकारियों को फोन पर वारदात की सूचना दी।
विवाद में जा चुकी हैं कई जानें
बिहारीपुर निवासी श्रीराम के तीन बेटे और एक बेटी है। बेटी की शादी महेंद्रगढ़ के नजदीक खैरोली में की थी। चुनावों के दौरान रिश्तेदारों की पड़ोसियों से रंजिश बढ़ने से आपसी विवाद होने लगे। इसके बाद खैरोली में शक्ति पहलवान मर्डर के बाद तनाव अधिक बढ़ गया। पिछले साल श्रीराम की बेटी बिमला देवी पर भी बदमाशों ने हमला कर दिया।
इसमें घायल बहन से मिलने उसका भाई महेश कुमार खैरोली पहुंचा। गांव में बिमला को राजस्थान के सिंघाणा अस्पताल में रेफर करने की सूचना मिली। महेश भी बाइक पर एंबुलेंस के पीछे सिंघाणा रवाना हो गया। गुलावला के नजदीक 8-10 लोगों ने बाइक को टक्कर मार दी। घायल महेश ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
वारदात का एंबुलेंस में बैठा श्रीराम चश्मदीद गवाह था। पिछले साल दिसंबर में नारनौल कोर्ट के नजदीक श्रीराम के दोहते संदीप की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह कोर्ट में गवाही देकर घर जा रहा था। इसके बाद पुत्री बिमला देवी का मर्डर कर दिया।
- पुलिस अधिकारी पहुंचे मौके पर
वारदात की सूचना मिलने पर डीएसपी विवेक चौधरी, थाना प्रभारी राजकरण, सीटी एसएचओ संदीप शर्मा, डा. हरिओम, सदर एसएचओ शिवकुमार टीम सहित घटना स्थल पहुंचे। मौका मुआयना करने के बाद चश्मदीद गवाह (मृतक की पत्नी) रामा देवी के बयान दर्ज किए। बयान के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ केस रजिस्टर्ड किया गया।
हथियार उठाने का नहीं दिया मौका
शिकायतकर्ता रामादेवी ने बताया कि सुरक्षा में पुलिसकर्मियों की गलती नहीं। वारदात अचानक होने के कारण दोनों कर्मी हथियार नहीं संभाल पाए, इसके बाद आरोपियों ने गोली से मारने की धमकी दे दी। साथ ही उन्होंने पुलिस पर मिलीभगत के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सभी हत्याओं में भीम सिंह मुख्य आरोपी है। इसके बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है। इस विवाद में चार मर्डर हो चुके।
- महापंचायत में बनेगी संघर्ष की रूपरेखा
मृतक के पुत्र पतराम ने बताया कि हत्या के नामजद आरोपियों की शिकायत पुलिस में दर्ज है। लेकिन मिलीभगत के कारण छानबीन प्रक्रिया में उन्हें दोष मुक्त कर दिया जाता है। लचर व्यवस्था के कारण चार परिजनों की मौत हो चुकी। मंगलवार को पांच गांवों की महापंचायत होगी, पुलिस प्रशासन के खिलाफ संघर्ष की रणनीति बनाई जाएगी।
- पांच लाख इनाम के लिए लिखा पत्र
पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी ने बताया कि घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर रेंज स्तर पर टीम गठित कर दी गई। डीएसपी के नेतृत्व में टीम को केवल यही मामला सौंपा गया गया। इसके अलावा आरोपियों की सूचना पर मुखबिर को पांच लाख इनाम देने के लिए डीजीपी को पत्र लिख दिया गया। सात नामजद आरोपियों पर केस दर्ज हो चुका। गिरफ्तारी के लिए छापामारी शुरू कर दी गई है।