क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की की शादी उसके फूफा ने करवा दी। परिजनों ने आपत्ति जताई तो यह मामला थाने पहुंच गया। शनिवार को इस मामले में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज किया था। वहीं रविवार को पुलिस नाबालिग का मेडिकल करवाने के लिए सिविल अस्पताल लाई लेकिन यहां नाबालिग ने मेडिकल करवाने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन डीएसपी निवास पर गए। परिजनों का कहना था कि उनकी बेटी दबाव में आकर मेडिकल नहीं करवाना चाहती। उन्होंने सतनाली पुलिस पर यह आरोप भी लगाया है कि नाबालिग शनिवार की शाम तक पुलिस हिरासत में थी लेकिन उसके बाद उसे वापस उसके ससुराल भेज दिया। रविवार सुबह वह ससुराल से आई है।
लड़की के चाचा विजय ने बताया कि वे पुलिस कार्रवाई से बिल्कुल संतुष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले तो महेंद्रगढ़ थाना प्रभारी ने यहां कार्रवाई करने से मना कर दिया और सतनाली थाने भेज दिया। सतनाली थाने में रात्रि के समय नाबालिग को वापस भेज दिया। विजय ने बताया कि जब शनिवार को उन्होंने थाना प्रभारी से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उसके पास तो केवल शिकायत आई है और कुछ नहीं आया। इसकी रिकार्डिंग भी उनके पास है। उन्होंने बताया कि रात्रि के समय नाबालिग उनके घर पर रही जिस कारण कथित ससुरालवालों ने उस पर दबाव बना रखा है जिससे वह मेडिकल के लिए मना कर रही है।
डीएसपी ओमप्रकाश ने बताया कि अगर जांच के दौरान कोई पुलिस गलती रही है तो वे लिखित में उन्हें शिकायत दें दे वे उस पर कार्रवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि नाबालिग को मेडिकल के लिए सिविल अस्पताल लाया गया था जहां पर उसने मेडिकल करवाने से मना कर दिया। पुलिस किसी का जबरदस्ती मेडिकल करवा भी नहीं सकती। नाबालिग को मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 केे बयान के लिए भेज दिया गया।