कृष्णावती नदी में टास्क फोर्स ने छापामारी की, मगर सूचना लीक होने से खनन माफिया के कारिंदे मशीनें लेकर भाग गए। माफिया पर कोई कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के किसी कर्मचारी ने छापे की सूचना लीक की है।
क्षेत्र में खनन माफिया अवैध रूप से बजरी, रोड़ी, पत्थर आदि निकाल कर बेच रहा है। इस पर नकेल कसने के लिए उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी ने 24 अगस्त को आदेश दिए थे। साथ ही इसके लिए टास्क फोर्स भी गठित की थी। प्रशासनिक टीम की कार्रवाई के बाद भी खनन माफिया का खेल जारी है। ग्रामीणों ने इस बारे में खनन विभाग को खनन की शिकायत दी थी। बृहस्पतिवार शाम खनन विभाग के अधिकारी शहबाजपुर के नजदीक कृष्णावती नदी पहुंचे। सूचना लीक होने के कारण प्लांट संचालक विभिन्न उपकरणों समेत भागने में कामयाब रहे। अधिकारी बिना कार्रवाई वापस लौटना पड़ा।
रात के अंधेरे में होता है खनन
ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासनिक सख्ती के कारण खनन माफिया शाम को पांच बजे बजरी खनन करना शुरू करते हैं और सुबह आठ बजे जेसीबी समेत अन्य संसाधन लेकर वापस आ जाते हैं। दिन में प्रशासनिक टीम को खनन क्षेत्र सुनसान दिखता है। मौका मुआयना के बाद विभागीय अधिकारी खदान बंद होने की रिपोर्ट जिला उपायुक्त को भेज देंगे। इससे अभियान नरम पड़ने से सुविधापूर्वक अवैध धंधे को अंजाम दिया जा सके।
कोर्ट स्टे की आड़ में अवैध खनन
ग्रामीणों ने बताया कि कोर्ट स्टे के मुताबिक प्रशासन प्लांट की तोड़फोड़ और जेसीबी को इंपाउंड नहीं कर सकता। स्टे आर्डरों में यथास्थिति के आदेश हैं। प्लांट चलाना कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। इसके बाद भी प्लांट संचालक राजस्थान की रॉयल्टी बुक लेकर सरेआम खनन कर रहे हैं। छापामारी के दौरान प्लांट बंद हो जाता है।