हरियाणा के नारनौल में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग नारनौल ने एक होटल बोतलबंद पानी देकर वसूली करने पर हर्जाना लगाया है। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित एक होटल पर साधारण पानी ना देकर बोतलबंद पानी देकर वसूली करने पर हर्जाने के तौर पर 40 हजार व 20 हजार रुपए मुकदमेबाजी खर्च देने का फैसला सुनाया है।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के सदस्य डीएम यादव ने अपने फैसले में विरोधी पार्टी को आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 30 दिन की अवधि के भीतर देने का फैसला सुनाया है।
शिकायतकर्ता साकेत मक्कड़ के वकील सुमित चौधरी ने आयोग को बताया कि दो जनवरी 2022 को शिकायतकर्ता अपने सहयोगी अधिवक्ता व दो अन्य व्यक्तियों के साथ अपने निजी काम के लिए दिल्ली जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने अपनी कार होटल के पास रोकी और भोजन का ऑर्डर दिया।
खाना खाने के बाद, शिकायतकर्ता ने वेटर से पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए कहा, लेकिन वेटर पानी की एक पैक बोतल लेकर आया और उसे उनकी मेज पर रख दिया। शिकायतकर्ता ने फिर से वेटर से केवल पीने के लिए जग में पानी उपलब्ध कराने के लिए कहा, जिस पर वेटर ने शिकायतकर्ता को बताया कि इस होटल में पीने का पानी मुफ्त में उपलब्ध कराने की कोई प्रथा नहीं है, बल्कि भुगतान करने पर केवल पैक किया हुआ पानी ही दिया जाता है।
होटल के कर्मचारी ने शिकायतकर्ता से 19.05 रुपये की राशि वसूल की। शिकायतकर्ता ने पीने के पानी की राशि वसूलने का दोबारा विरोध किया लेकिन प्रबंधक ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया बल्कि उसके साथ दुर्व्यवहार किया। शिकायत को सुनने व सबूतों को देखते हुए फैसला सुनाया है।
शिकायतकर्ता को हुई मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 40,000 रुपये और 20,000 रुपये का भुगतान मुकदमेबाजी खर्च देने का फैसला सुनाया। साथ ही शिकायतकर्ता को बोतल की कीमत यानी 19.05 रुपये वर्तमान शिकायत दर्ज करने की तारीख से वास्तविक वसूली तक 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ वापस कर देने को कहा है। आदेश का अनुपालन इस आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 30 दिन की अवधि के भीतर किया जाना होगा।