हरियाणवी डांसर सपना शर्मा ने पुलिस पर निष्पक्ष जांच नहीं करने का आरोप लगाया है। उसने यह बात शुक्रवार को एक निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। हालांकि इसके एक दिन पहले महिला थाने में हरियाणवी डांसर सपना शर्मा और ससुराल वाले आपस में भिड़ गए थे। डांसर सपना का आरोप है कि सास ने उन्हें आपत्तिजनक शब्द कहे थे, जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस हुई। इस बीच एसएचओ ने दोनों पक्षों को शांत करवाया।
बता दें कि सपना ने ससुराल वालों के खिलाफ करीब पांच माह पहले दहेज के लिए प्रताड़ित करने की शिकायत महिला थाने में दी थी। इसी को लेकर वीरवार को दोनों पक्षों को बयान देने के लिए थाने बुलाया गया था। इसके बाद शुक्रवार को सपना ने एक निजी होटल में प्रेस वार्ता कर पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है।
बता दें कि सपना शर्मा की शादी 2 मार्च 2024 को दिल्ली निवासी कमल के साथ अटेली में हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। सपना का आरोप है कि शादी में परिजनों ने 25 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन शादी के कुछ दिन बाद से ही पति और सास ने दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था।
शिकायत में सपना ने आरोप लगाया कि उसका पति शराब पीकर मारपीट करता था और सास भी उसे दहेज के लिए ताने देती थी। उसने यह भी आरोप लगाया कि 28 मई 2024 को उसके जेठ ने पेट पर लात मारी, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। जब उसने अपनी मां को यह बताया, तो उसके परिजन उसे मायके ले आए और अटेली सीएचसी में इलाज कराया। कुछ दिन बाद ससुराल वालों ने अपनी गलती मानकर उसे वापस बुला लिया, लेकिन फिर से मारपीट और प्रताड़ना शुरू हो गई।
सपना ने बताया कि 25 जनवरी 2025 को उसके पति और सास ने मारपीट की, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी उसके पास मौजूद है। 4 फरवरी को पति और जेठानी ने फिर मारपीट की, जिसके बाद उसने दिल्ली के नजफगढ़ थाने में डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले की जानकारी सपना के मायके वालों को दी, जिसके बाद परिजन उसे नारनौल ले आए थे। जिसके बाद 6 फरवरी को उसने पुलिस में शिकायत दी थी।
नारनौल के डीएसपी सुरेश कुमार का कहना है कि महिला ने फरवरी माह में पुलिस को शिकायत दी थी। जिसपर पुलिस द्वारा 1 माह में 3 काउंसिलिंग कराई गई थी। इसके बाद शिकायत को एडीआर सेंटर भेज दिया गया था। एडीआर सेंटर से रिपोर्ट आने के बाद पुलिस द्वारा महिला थाना में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले में निष्पक्षता से कार्रवाई करते हुए एक माह से पहले ही पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में निष्पक्षता से जांच कर पुलिस द्वारा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की गई है। पुलिस द्वारा मामले में निष्पक्षता से जांच की जा रही है।