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महिलाओं को बेहोश कर सर्जन गायब

Fri, 20 Nov 2015 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/नारनौल
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सिविल अस्पताल में बृहस्पतिवार को साप्ताहिक परिवार नियोजन कैंप उस समय हंगामा हो गया जब रेवाड़ी से आए सर्जन ने तीन महिलाओं के आपरेशन के बाद नलबंदी करने से इन्कार कर दिया।
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एक घंटे बाद मौके पर पहुंच डीप्टी सीएमओ ने मामले की जानकारी ली। तभी रेवाड़ी के सर्जन भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने अस्पताल में कुछ अव्यवस्था होने की बात डिप्टी सीएमओ को बताई। उसके बाद दोबारा आपरेशन की प्रक्रिया शुरू हुई और बेसुध पड़ीं महिलाओं के तीमारदारों ने राहत की सांस ली।

बृहस्पतिवार को सिविल अस्पताल में साप्ताहिक परिवार नियोजन शिविर के तहत 27 आपरेशन होने थे। जिले में सिविल सर्जन न होने के कारण नलबंदी-नसबंदी के लिए रेवाड़ी से सर्जन डा. सुदर्शन पंवार आए हुए थे। आपरेशन के लिए आईं महिलाओं को भूखे पेट रहकर आपरेशन से पहले बेहोशी के लिए स्पाइनल इंजेक्शन दिया जाता है।
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आपरेशन के लिए 27 महिलाओं को इंजेक्शन दिया गया था। सर्जन सुदर्शन पंवार ने सिविल अस्पताल में तीन आपरेशन करने के बाद शेष बेहोश महिलाओं की नलबंदी करने से इन्कार कर दिया।

इसके बाद तीमारदारों ने जमकर हंगामा किया। लगभग एक घंटे देरी के बाद डिप्टी सीएमओ डा. रामनिवास मौके पर पहुंचे और उन्होंने इस विषय में स्टाफ से जानकारी हासिल की।

कुछ देर बाद ही आपरेशन के लिए रेवाड़ी से आए सर्जन डा. सुदर्शन भी मौके पर आ गए। उन्होंने डिप्टी सीएमओ के सामने अपनी कुछ परेशानियां रखीं। आपरेशन प्रक्रिया दोबारा शुरू होने तक आपरेशन के लिए बेसुध पड़ीं महिलाओं के परिजनों कीं सांस अटकी रही।

नहीं थे इंतजाम इसलिए रोकी नलबंदी
रेवाड़ी के चिकित्सक के नलबंदी आपरेशन से इन्कार करने के पीछे अस्पताल में अव्यवस्था सामने आई है। चिकित्सक के अनुसार न तो वहां उपकरण उपलब्ध थे और न ही कोई फोर्थ क्लास कर्मचारी। इससे आपरेशन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसलिए आपरेशन रोके गए थे। गौरतलब है कि इससे पहले भी अस्पताल में अव्यवस्था के मामले सामने आ चुके हैं।

दो बार लगे सप्ताह में शिविर
नसबंदी-नलबंदी का शिविर सप्ताह में एक बार बृहस्पतिवार को आयोजित होता है। महेंद्रगढ़ में सिविल सर्जन न होने के कारण आजकल रेवाड़ी से सिविल सर्जन आकर आपरेशन करते हैं। बृहस्पतिवार की घटना को लेकर आपरेशन के लिए आई महिलाओं और उनके परिजनों में भारी रोष देखने को मिला है। कुछ महिलाओं का कहना है कि शिविर को सप्ताह में दो बार रखा जाए और महेंद्रगढ़ के सिविल अस्पताल में नियमित सिविल सर्जन की नियुक्ति की जाए।

डिप्टी सीएमओ पहुंचे मौके पर
डिप्टी सीएमओ डा. रामनिवास का कहना है कि फिलहाल वे आपरेशन के लिए आई महिलाओं की संतुष्टि और आपरेशन हो जाने के बाद मामले की बारीकी से जांच करेंगे। मामले में जो भी कर्मचारी और चिकित्सक दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

वर्जन:
सीएमओ राजेंद्र प्रसाद ने इस संबंध में कहा कि अतिरिक्त चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। मामले की जांच डिप्टी सीएमओ रामनिवास को सौंपी गई है।

स्टाफ पूरा नहीं था। फोर्थ क्लास से लेकर एडिशनल डॉक्टर तक नहीं थे। इसलिए एक बार ऑपरेशन करने से मना किया था। क्योंकि ऑपरेशन के बाद मरीजों को संभालना भी होता है। वहां अधिकारियों को भी बताया गया। वहां कुछ अधिकारी भी आए। लोगों की परेशानी तो देखते हुए बाद में ऑपरेशन शुरू किए। इस शिविर में 31 ऑपरेशन करके आया हूं।
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- डॉ सुदर्शन पंवार, सर्जन एवं प्रभारी नागरिक अस्पताल, रेवाड़ी
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