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धनौंदा का विनोद मर्डर : सरपंच समेत 11 नामजद, तीन गिरफ्तार

Mon, 13 Jun 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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विनोद मर्डर केस, 11 पर केस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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धनौंदा गांव में शनिवार को विनोद की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने गांव के सरपंच समेत 11 को नामजद कर करीब 5-6 अज्ञात पर हत्या का मामला दर्ज किया है। इसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की पांच टीमें अन्य आरोपियों की तलाश में छापामारी कर रही है। कनीना थाने में डेरा डाले एसपी हामिद अख्तर ने लापरवाही बरतने पर एसएचओ ओमप्रकाश और जांच अधिकारी कर्ण सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। डीसी संजीव वर्मा का कहना है कि मुख्य आरोपी सरपंच विक्रम सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। उधर दूसरे दिन भी ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य मांगों को लेकर रविवार सुबह कनीना-दादरी मार्ग पर जाम लगा दिया। स्थानीय लोगों ने विचार विमर्श कर एक घंटे बाद जाम खुलवा दिया। परिजनों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही मृतक का
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दाह संस्कार किया जाएगा।  

पुलिस ने मृतक विनोद उर्फ भाता के शव का महेंद्रगढ़ स्थित सामान्य अस्पताल में पंचनामा करवा दिया है, लेकिन ग्रामीण और परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद शव का दाह संस्कार करने पर अड़े हैं। इस वारदात में घायल युवक मंजीत का पीजीआई रोहतक में उपचार चल रहा है जहां उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। धनौंदा के ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर रविवार सुबह कनीना-दादरी मार्ग फिर से जाम कर दिया। कुछ लोगों ने समझाकर एक घंटे बाद जाम खुलवा दिया। वहीं शनिवार रात दादरी टी-प्वाइंट पर लगाया जाम रात 12 बजे बाद खुला। एसपी ने मृतक के परिजनों को थाने बुलाकर प्राथमिकी दर्ज कराई।

ग्रामीणों ने रखी मांगें
धनौंदा के ग्रामीणों ने डीएसपी महेश शर्मा के सामने हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी करने, मृतक के माता-पिता को 50 लाख की आर्थिक सहायता देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, सरपंच को बर्खास्त करने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और मृतक को शहीद का दर्जा देने की मांगें रखी हैं।
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 ग्रामीणों ने दुकानों में की तोड़फोड़
ग्रामीणों ने आक्रोश के चलते शनिवार की देर रात गांव के बस स्टैंड पर दो लोगों की दुकानों का ताला तोड़कर जमकर तोड़फोड़ भी की। दुकान में रखा सामान सड़क पर फेंक दिया। सामान रविवार सायं तक सड़क पर बिखरा पड़ा रहा।
 
एसपी ने पुलिस थाने में डाला डेरा
एसपी ने पत्रकारों से बताया कि मृतक के ताऊ अजीत के बयान पर पुलिस ने 11 मालूम और 5-6 नामालूम लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। इसमें गांव के सरपंच विक्रम सिंह, छोटू, आशु, अलबीर, रामेश्वर, हरचंद, जसवंत, राजपाल, अजय, कृष्ण उर्फ कन्होरी और विजय उर्फ छोटू शामिल हैं। एसपी ने बताया कि कृष्ण उर्फ कन्होरी, विजय उर्फ छोटू सहित उनके सहयोगी विकास को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें छापामारी कर रही है।

अधिकारियों ने किया विचार -विमर्श  
बस स्टैंड धनौंदा घटनास्थल पर एफएसएल की टीम ने झज्जर से आए फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. आनंद कुमार के नेतृत्व में साक्ष्य जुटाए। एक दुकान से रक्त के नमूने, चप्पल, तौलिया, सिर के बाल और एक जिंदा कारतूस व दो खोखे बरामद किए हैं। वारदात को लेकर कनीना के एसडीएम संदीप सिंह इंजीनियर भी कनीना थाने पहुंचे और एसपी हामिद अख्तर के साथ पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से विचार-विमर्श किया। जिला उपायुक्त संजीव वर्मा ने भी एसपी से स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि धनौंदा के सरपंच विक्रम सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। जिला पार्षद प्रमुख राजेश देवी के पति संजीव पप्पल यादव और पूर्व जिला प्रमुख सुरेंद्र कौशिक ने भी धनौंदा पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया।

जल्द पकड़े जाएंगे आरोपी: एसपी
इस मामले में पुलिस कप्तान हामिद अख्तर ने कनीना थाना के एसएचओ ओमप्रकाश और जांच अधिकारी कर्ण सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। कनीना थाने में एसएचओ अजेश कुमार को लगाया है। पुलिस कप्तान ने बताया कि विनोद मर्डर मामले में रात्रि को सरपंच विक्रम और उनके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया है। इसमें से तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। अन्य को पकड़ने में पुलिस जुटी हुई है जल्द ही सभी पुलिस हिरासत में होंगे।
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