सतनाली पुलिस ने इस्तगासे के तहत गांव ढ़ाणा के राजबीर की शिकायत पर ढ़ाणा के डिपो होल्डर सुरेश कुमार उर्फ पप्पल, निरीक्षक खाद्य आपूर्ति सतनाली सुधा देवी तथा गांव ढ़ाणा की सरपंच मुन्नी देवी के खिलाफ दस्तावेजों में हेराफेरी कर फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर उनके फर्जी राशन कार्डों के आधार पर राशन वितरण दिखाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के आशय में मामला दर्ज किया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव ढ़ाणा के राजबीर ने इस्तगासे के तहत दी शिकायत में बताया है कि गांव ढ़ाणा व सुरेहती मोडियाना के डिपो होल्डर सुरेश कुमार उर्फ पप्पल ने गांव की सरपंच व खाद्य आपूर्ति निरीक्षक के साथ सांठ-गांठ करके एक गिरोह बनाया हुआ है तथा ये गिरोह मरे हुए आदमियों के नाम से सरकारी राशन का अवैध तरीके से वितरण दिखाकर, गबन करके मोटी रकम कमा रहे हैं। उन्होंने बताया कि फर्जीवाड़े का खुलासा आरटीआई के तहत ली गई जानकारी से प्राप्त हुआ है। शिकायत में बताया कि दैनिक बिक्री रजिस्ट्र में कुछ नामों का उल्लेख किया गया है जिनकी मृत्यु पहले ही हो चुकी है और जिनके नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर राशने वितरित किया दिखाया गया है। पुलिस ने अदालत के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई आरंभ कर दी है।
मुझे आरोपी बनाना राजनीति से प्रेरित
खाद्य निरीक्षक सुधा देवी ने बताया कि ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है हालांकि राजबीर पुत्र धनसिंह द्वारा पिछले दिनों राशन वितरण में धांधली और उसे व कुछ अन्य लोगों को डिपो धारक द्वारा राशन न दिए जाने की शिकायत दी गई थी जिस पर मौके पर जाकर गांव के मौजिजान, पंच, सरपंच एवं उपभोक्ताओं के समक्ष तहकीकात व पूछताछ की गई थी। पूछताछ में शिकायत निराधार पाए जाने पर मौजूद लोगों के लिखित बयान दर्ज कर विभागीय उच्चाधिकारियों को रिर्पोट पेश कर दी गई है। शिकायतकर्ता द्वारा सुरेश उर्फ पप्पल डिपो धारक द्वारा फर्जी तौर पर मृत व्यक्तियों के राशनकार्ड बनाकर राशन हड़प करने की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। अब आपके द्वारा जानकारी में आया है तो आरोपी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। मृत व्यक्तियों की जानकारी डिपो धारक व विभाग को देना परिवार की भी जिम्मेदारी है और डिपो धारक के द्वारा रिकार्ड में दर्ज होना चाहिए। जब तक हमारे पास कोई आवेदन या रिकार्ड नहीं आ जाता हमें जानकारी मिल पाना संभव नहीं है। अत: उपरोक्त मामले में मुझे आरोपी बनाना केवल और केवल दुर्भावना और राजनीति से प्रेरित है। मेरा मामले से कोई लेना-देना नहीं है। मैं निर्दोष हूं।