सिहमा (नारनौल)। हुडिना गांव में सांड़ ने पटक-पटक कर एक व्यक्ति की जान ले ली। पुलिस ने मृतक का शव कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया है। गौरतलब है कि 17 सितंबर को भी नारनौल के महता चौक पर सांड़ों ने जबरदस्त आतंक मचाया था। प्रशासन जहां सांड़ पकड़ने के लिए दावे कर रहा है लेकिन लगातार हो रही घटनाएं प्रशासन के दावों की पोल खोल रही हैं।
गांव हुडिना निवासी सूरजभान (62) शुक्रवार शाम अपने खेत में बाजरे की पूली लगाने का काम रहा था। इस दौरान एक सांड़ वहां आ गया। उसने सूरजभान पर कई वार किए और उसे कई बार उठा कर पटका। सांड़ के हमले के कारण सूरजभान को गहरी चोटें आईं। जब तक आसपास के लोग सूरजभान को बचाने पहुंचे तो सांड़ ने उन पर फिर से हमला करते हुए कई वार किए। इस बीच मौके पर पहुंचे परिजनों और आसपास के लोगों ने सूरजभान को सिविल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शनिवार को मृतक का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया।
आए दिन हो रही घटनाएं
शासन और प्रशासन ने लावारिस पशुओं पर नकेल कसने के लिए आदेश जारी कर रखे हैं। इसके बावजूद लावारिस पशुओं के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। 17 सितंबर को नारनौल के महता चौक पर सांड़ों ने जबरदस्त उत्पात मचाया था। उसके अगले दिन नप ने करीब 16 सांड़ों को पकड़कर गोशाला पहुंचाया। इसके बावजूद अभी भी शहर और आसपास के क्षेत्र में लावारिस पशुओं की संख्या काफी है, इनके कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। इन हादसों में लोगों की जान पर बन आ रही है।
- तीन गांव के लोग सांड़ से परेशान
वहीं सिविल अस्पताल में मृतक के परिजनों का कहना था कि इस सांड़ ने हुडिना, रामपुरा और मेई में कई दिनों से उत्पात मचा रखा है। यह लोगों पर हमला कर देता है और उनके पीछे भागता है। अस्पताल में मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से सांड़ को पकड़ने की मांग की।
एसडीएम ने नप कर्मियों की बैठक
शहर को सांड़ों की समस्या से निजात दिलाने के लिए 22 सितंबर को गोशाला में एसडीएम विवेक कालिया ने बैठक की थी। इसमें उन्होंने नप अधिकारियों को आदेश दिए थे कि 25 सितंबर तक शहर को सांड़ों से मुक्ति मिल जानी चाहिए तथा सभी सांड़ों को गोशाला पहुंचा देना चाहिए। इसका समर्थन करते हुए गोशाला के पदाधिकारियों ने भी सांड़ों को पकड़ने के लिए नप कर्मियों का पूरा साथ देने को कहा था, मगर एसडीएम की बैठक के बाद किसी ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया और अभी तक एक भी सांड़ गोशाला नहीं पहुंचा है।