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जंतर-मंतर से खैरोली पहुंचा बिमला का शव

Sun, 23 Aug 2015 01:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला नारनाैल
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खैरोली मर्डर कांड का शिकार बिमला देवी का शव शुक्रवार रात को जंतर-मंतर से गांव में लाया गया। यहां कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मृतका का परिवार शिक्षामंत्री के गांव में पहुंचने का इंतजार कर रहा है।
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परिजनों का कहना है कि शिक्षामंत्री के गांव में आने पर ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार रात खैरोली गांव के एक घर में घुसकर छह-सात लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर महिला के मौत के घाट उतार दिया था। 6 राउंड सिर में, 8 राउंड कमर के दोनों साइड और 4 गोलियों पैरों में लगी थी।

पुलिस ने मौके से 25 खोल बरामद किए थे। एसपी और डीएसपी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा मृतका के पिता श्रीराम को सौंप दिया था।
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पुलिस के पहरे में शव उसके बेटे राकेेश के पास दिल्ली भेजा था। दिल्ली में मृतका के परिजनों ने जंतर-मंतर पर शव रखकर धरना शुरू किया। इस पर दिल्ली पुलिस ने शव को वहां से उठवाया और गुड़गांव पुलिस को सौंप दिया।

 गुुड़गांव पुलिस ने शव रेवाड़ी पुलिस को और फिर रेवाड़ी पुलिस ने शव महेंद्रगढ़ पुलिस के हवाले कर दिया। महेंद्रगढ़ जिला पुलिस शव को लेकर खैरोली पहुंची। मृतका के परिजनों ने शव लेकर घर में रख लिया और अंतिम संस्कार नहीं करने की जिद पर अड़ गाए।

गांव के चारों तरफ चली हैं गोलियां
ग्रामीणों ने बताया कि हमलावरों ने मृतका पर ही फायरिंग नहीं की बल्कि घर के आगे और गांव के चारों तरफ हवाई फायर किए। उनका मकसद दहशत फैलाना था। अंधाधुंध फायरिंग के कारण ग्रामीण रातभर घरों में ही दुबके रहे। पुलिस शव को गांव से महेंद्रगढ़ ले आई, तो करीब दो दर्जन ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाई और सामान्य अस्पताल पहुंचे।

शिक्षामंत्री के आने पर अंतिम संस्कार
मृतका बिमला के भाई पीतराम ने कहा कि मृतका का अंतिम संस्कार शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा के गांव में आने के बाद ही होगा। जब तक मंत्री आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन नहीं देते तब तक शव ऐसे ही पड़ा रहेगा। पीतराम ने बताया कि उसके भाई महेश और भांजे संदीप फौजी के हत्यारोपी अभी भी सरेआम घूम रहे हैं। उन्हें भी हर समय जान का खतरा बना रहता है। 

अब दादी का साया भी उठा
खूनी रंजिश की भेंट चढ़ चुके बिमला देवी के परिवार में दो बच्चियों को इस गैंगवार ने अनाथ कर दिया है। संदीप फौजी की दो बेटियां के सिर से मां-बाप के बाद अब दादी का साया भी उठ गया है। संदीप फौजी की पत्नी की मौत पहले ही हार्ट अटैक के कारण हो गई थी। वहीं बाद में संदीप फौजी का मर्डर हो गया था।

इसके बाद दोनों बच्चियां दादी बिमला के पास ही रहती थीं। अब बच्चियों को चाचा का ही सहारा है। परिवार में एकमात्र शख्स राकेश बचा है जो मुंबई की एक कंपनी में जॉब करता है, उसके पत्नी और बच्चे दिल्ली में रहते हैं। मृतक संदीप के दो बेटियां हैं, इनमें एक बेटी सीमा (7) तो मर्डर के समय अपनी दादी बिमला के पास ही सो रही थी। दूसरी रीतिका अपनी चाची के पास दिल्ली में रहकर पढ़ती है। इन दोनों बच्चियों की जिम्मेदारी अब संदीप फौजी के भाई राकेश पर आ गई है।

पुलिस ने गिरफ्तार किए तीन आरोपी
पुलिस ने मर्डर केस में नामजद कराए गए 7 लोगों में से 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने रामबिलास, सीताराम और हजारी लाल को गिरफ्तार करते हुए कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए कोर्ट ने तीन दिन का रिमांड मंजूर कर दिया है। वहीं बाकी आरोपियों की तलाश के लिए भी पुलिस की पांच टीमें छापामारी कर रही हैं। डीएसपी ओमप्रकाश का कहना है पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवा दी गई है। पुलिस सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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