फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बकरियों के कारोबार में कंपनी में निवेश करने लोगों से लाखों रुपये ठगे

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

नारनौल। बकरियों के कारोबार में निवेश का झांसा देकर लाखों रुपये ठगी करने का मामला सामने आया है। जिला अदालत के आदेश पर नांगल चौधरी थाना पुलिस ने नव ज्योति बिर्डिंग व रियरिंग फार्मस कंपनी, कंपनी के तीन निदेशकों, मैनेजरों समेत कुल छह लोगों पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपियों ने लोगों को कंपनी के बकरी कारोबार में निवेश करने पर मूलधन चार गुना रिटर्न देने का झांसा दिया था।
खानपुर निवासी बाल मुकंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि साल 2010 में नव ज्योति बिर्डिंग व रियरिंग फार्मस के निदेशक अग्निवेश, इंद्र सिंह, शारदा पत्नी मनोज कुमार, मैनेजर अनिल, राधेश्याम से मुलाकात हुई थी। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने कहा था कि कंपनी उनका पैसा बकरियों के कारोबार में निवेश करेगी। इसके लिए कंपनी ने घड़साना (राजस्थान) में 100 बीघा का फार्म हाउस है। इसमें करीब 10,000 बकरियां है। इसमें बकरियों के दूध, मांस, खाल, बाल, सींग समेत अन्य का कारोबार होना तय हुआ था। आरोपियों ने 7500 रुपये देने पर मेंबर बनाया। इसके बाद 45000 रुपये निवेश करने पर प्रतिमाह तय कमीशन व पांच साल बाद मूलधन पर चार गुना राशि देने की बात कही थी।
विज्ञापन

पीड़ित के अनुसार उसे कहा गया था कि अधिक लोगों को कंपनी से जोड़ने पर अतिरिक्त कमीशन मिलेगा। इस बीच यदि बकरियां मर जाती हैं तो उनका बीमे का क्लेम मिलेगा। पीड़ित आरोपियों के झांसे में आ गया और बेटे मुकेश कुमार व राकेश कुमार के नाम से 30 मार्च 2011 को 45000-45000 रुपये की एफडी करा दी। अन्य लोगों को भी कंपनी से जोड़ा। इस प्रकार 10 लाख रुपये खुद के और अपने जानकारों से कंपनी में निवेश करवा दिया।
शिकायत के अनुसार 30 मार्च 2011 को अभय सिंह झुंझुनू ने भी 45000 रुपये की चार एफडी व 15000 रुपये की एफडी कराई थी। इस दौरान करीब 30 लाख रुपये कंपनी की नांगल चौधरी ब्रांच में जमा हुए। इसके अलावा सत्यवीर सिंह अलवर ने भी 30 लाख रुपये नांगल चौधरी ब्रांच में जमा कराए। इसी प्रकार अन्य लोगों ने भी कंपनी में निवेश किया। पीड़ित व अन्य लोगों को कंपनी ने आश्वासन दिया था स्कीम में अब बदलाव कर दिया गया है। आरोपियों ने कहा कि एक होंडा सिटी कार डाउन लाइन में एक करोड़ का बिजनेस होने पर मिलेगी। इसके बाद भी आरोपियों ने लोगों को कमीशन व कार नहीं दी। इसी बीच आरोपियों ने दूसरी कंपनी हरि लक्ष्मी निधि व सेवा को-ऑपरेटिव सहकारी समिति के बांड भरकर लोगों को दे दिए।

बांड के पैसे नहीं मिले तो कंपनी के बारे में जुटाई जानकारी
आरोप है कि पांच साल बाद भी बांड के पैसे नहीं मिले। जब पीड़ितों को धोखाधड़ी का अहसास हुआ तो कंपनी के बारे में जानकारी ली। उन्हें पता चला कि घड़साना में कोई फार्म नहीं था और न ही बकरियां है। पैसा मांगने पर कंपनी ने बकरियों को मृत दिखा दिया। लोगों को दिए गए एडवांस चेक भी फर्जी निकले। जब पीड़ित कंपनी के द्वारिका दिल्ली कार्यालय पर गया तो मनोज नामक युवक जो कंपनी में डायरेक्टर था, वह चालक निकला। आरोपियों ने नव ज्योति ग्रुप ऑफ कंपनी में नव ज्योति बीआरएफ, नव ज्योति इंफ्रा, नव ज्योति इंफो, नव ज्योति टूरिज्म, नव ज्योति कंस्ट्रक्शन समेत कुल सात कंपनियां बना रखी थी।

वर्जन
नांगल चौधरी थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर छह मार्च को केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित से दस लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। अन्य से भी आरोपियों ने निवेश के नाम पर पैसे लिए हैं। मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन


पहले भी कंपनी पर केस दर्ज है
पुलिस के अनुसार मार्च 2015 में कंपनी का नाम बदलकर भी लोगों से धोखाधड़ी की। कंपनी पर गुरुग्राम के पटौदी थाने में 28 अगस्त 2018, 23 मार्च 2018 को माडल टाउन रेवाड़ी, दो मार्च 2018 को पल्लिबया थाना उत्तर प्रदेश व दो जून 2018 को सवाई माधोपुर राजस्थान में दर्ज है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें