अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। अब पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 100 बिजी नहीं होगा। यहां पर इंटर वॉयस रिकॉर्डिंग सिस्टम (आईवीआरएस) को शुरू कर दिया है। इससे न सिर्फ कॉल करने वालों को बल्कि 90 फीसदी ब्लैंक कॉल रिसीव करने वाले पुलिसकर्मियों को भी छुटकारा मिला है। कंट्रोल रूम के नंबर पर फोन करने पर एक महिला की रिकॉर्डिड आवाज आती है कि पुलिस कंट्रोल रूम नारनौल में आपका स्वागत है, पुलिस सहायता के लिए एक दबाएं। एक नंबर दबाते ही कॉल पुलिस कंट्रोल रूम में बैठे पुलिसकर्मी के पास ट्रांसफर हो जाएगी।
शहर की लाइफ लाइन पुलिस कंट्रोल नंबर 100 पर तैनात पुलिस कर्मचारी ब्लैंक कॉल, मिस्ड कॉल और रांग कॉल की वजह से परेशान रहते थे। 100 नंबर पर आने वाली हर कॉल को उठाकर पुलिस कर्मचारी को बात करना जरूरी होता है। ऐसे में अनावश्यक कॉल की वजह से उनका समय व्यर्थ होता था। दूसरी ओर लोगों की कॉल 100 नंबर पर न लगने की शिकायतें रहती थी। पुलिस विभाग के अनुसार 100 नंबर पर रोजाना करीब 1100 कॉल आती हैं। इनमें से क्राइम से संबंधित 10-20 कॉल होती हैं। बाकी रांग नंबर, बच्चों के फोन और शराब पीकर पुलिस के साथ गाली-गलौज करने संबंधी पाई गई थी। जिसे देखते हुए एसपी विनोद कुमार ने कंट्रोल रूम के नंबर पर इंटर वॉयस रिकॉर्डिंग सिस्टम लगाने का निर्देश दिया था। अब बीएसएनएल की ओर से सिस्टम लगा दिया गया है। इससे न सिर्फ कॉल करने वालों को बल्कि 90 फीसदी ब्लैंक कॉल रिसीव करने वाले पुलिसकर्मियों को भी छुटकारा मिल गया है। दूसरी ओर लोगों की 100 नंबर व्यस्त होने की समस्या दूर हो गई है। गौरतलब है कि 100 नंबर पर तीन लाइनें है, जिस पर शिफ्ट वाइज पुलिसकर्मी लोगों की कॉल सुनते हैं।
हालांकि अभी वोडाफोन कंपनी के नंबर से कॉल सीधे लग रही है। दूसरी ओर आईवीआरएस की रिकॉर्डिड आवाज धीमी है। बीएसएनएल के जेटीओ राहुल ने बताया कि सभी मोबाइल नंबर अब सीधे 100 नंबर से कनेक्ट नहीं होंगे। वोडाफोन कंपनी के नंबर की जांच कराकर ठीक करा दिया जाएगा।