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अवैध बजरक्न पर ग्रामीणों में आक्रोश, ज्ञापन सौंपकर की कार्रवाई की मांग

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अवैध बजरी खनन पर ग्रामीणों में आक्रोश, ज्ञापन सौंपकर की कार्रवाई की मांग
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नांगल चौधरी। अवैध खनन व ओवरलोड की रोकथाम को लेकर सरकार गंभीर हैं, किंतु विभाग अलर्ट दिखाई नहीं दे रहा। जिस कारण ढाणी त्रियाला (शहबाजपुर) के पास कृषि भूमि पर अवैध बजरी खनन हो रहा है। शिकायत के बावजूद अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने वीरवार को तहसीलदार के माध्यम से डीसी को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें राहुल कुमार, राजसिंह, लक्ष्मीनारायण, देशराज, बस्तीराम, विनोद कुमार, रूड़मल, रणबीर, बिक्रम सिंह, गजराज व नरेंद्र सिंह आदि ने बताया कि कृष्णावती नदी में बजरी खनन की अनुमति नहीं है। बावजूद पिछले कई सालों से बजरी खनन हो रहा है। अब नदी में लगभग बजरी खत्म हो चुकी तथा शहरों में डिमांड बढ़ गई। इसलिए माफिया ने खेतीबाड़ी करने योग्य खेतों में बजरी खनन शुरू कर दिया। जमीन की खुदाई करता माफिया गांव के पास ही पहुंच गया। करीब 20 फीट गहराई तक खनन हो चुका है। जिसमें बरसाती जमा होने की संभावना बढ़ गई। जिससे मिट्टी का कटाव होने पर मकान गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। समस्या से विभागीय अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण माफिया के हौसले बुलंद है। रोजाना लगभग 300 ट्रैक्टर बजरी के भर कर बहरोड़, नीमराना भेजते हैं। वहीं ग्रामीणों द्वारा अवैध खनन का विरोध करने पर जानलेवा धमकी मिलती हैं। जिससे वीरवार को ग्रामीणों का गुस्सा उबाल खा गया और उन्होंने तहसील मेें पहुंचकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
धरने-प्रदर्शन का दिया अल्टीमेटम
ग्रामीणों ने बताया कि अवैध खनन से पर्यावरण तथा जल स्तर प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा ओवरलोड ट्रैक्टरों के आवागमन से ग्रामीण रास्ते टूट गए है। गड्ढों मेें कई बार ट्राली भी पलट चुकी। ऐसे में जानलेवा हादसों की आशंका बनी रहती है। जिला प्रशासन को तुरंत प्रभाव से अंकुश लगाना होगा। अन्यथा धरने-प्रदर्शन की रूपरेखा बनाई जाएगी।
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अवैध खनन बर्दाश्त नहीं: तहसीलदार
नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार ने बताया कि अवैध खनन की रोकथाम को लेकर प्रशासन चौकन्ना है। बावजूद ढाणी त्रियाला में खनन होना गंभीर मामला है। ग्रामीणों द्वारा सौंपा गया ज्ञापन डीसी को भेजा जाएगा। ताकि विभाग को कार्रवाई के निर्देश मिल सकें।
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