गांव धनौंदा में विनोद हत्याकांड के बाद सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 50 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर कड़ी नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि उपमंडल के गांव धनौंदा में शनिवार की देर सांय गांव के सरपंच विक्रम सिंह और उसके साथियों ने विनोद उर्फ भाता और उसके साथी मंजीत को गोली मार दी थी। जिससे विनोद की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि मंजीत गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसका पीजीआई रोहतक में उपचार चल रहा है। डीएसपी महेश कुमार शर्मा लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। शांति और सुरक्षा के लिए गांव में पुलिस तैनात है लेकिन प्रजापत समुदाय के अधिकांश लोग दो दिनों से घर में नहीं घुसे हैं।
भय के माहौल को देखते हुए मेहनत-मजदूरी करने वाले लोग ईंट भट्ठों आदि पर डटे हुए हैं। ग्रामीणों द्वारा गांव के बस स्टैंड पर स्थित एक जाति विशेष के दो लोगों की दुकानों का ताला तोड़कर जमकर तोड़फोड़ की गई थी और सामान सड़क पर डाल दिया। गया था जिससे गांव में तनाव की स्थिति बन गई थी। इसके बाद गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में 11 नामजद व 5-6 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया हुआ है। मुख्य आरोपी सरपंच और अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस कप्तान हामिद अख्तर ने बताया कि वे मामले कड़ी नजर रखे हुए हैं। जिसे लेकर पुलिस टीमों को समय-समय पर दिशा निर्देश दे रहे हैं।